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Iran-Iraq War: अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान, 165 छात्राओं को दी श्रद्धांजलि

अखिलेश यादव ने ईरान में हुए हमलों को क्रूर और अमानवीय बताया है। उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमले और मीनाब के स्कूल में 165 छात्राओं की मौत पर गहरा दुख जताया।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Mar 05, 2026

खामेनेई की मौत और स्कूल त्रासदी पर अखिलेश यादव का तीखा रिएक्शन

खामेनेई की मौत और स्कूल त्रासदी पर अखिलेश यादव का तीखा रिएक्शन

Iran-Iraq War Ayatollah Khamenei Death : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में स्कूल पर हुए विनाशकारी हमले को लेकर तेज प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन दोनों घटनाओं को क्रूर और अमानवीय बताया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया को चौंका दिया।

क्या हुआ था ईरान में?

कुछ दिन पहले अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े हमले किए। इन हमलों में ईरान के सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अपनी बेटी, दामाद और नवासी समेत मारे गए। उनकी पत्नी भी घायल हुईं और बाद में उनका निधन हो गया। इसी के साथ दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में एक लड़कियों के स्कूल पर भयंकर हमला हुआ। इस हमले में 165 छात्राएं मारी गईं। स्कूल पूरी तरह से तबाह हो गया। छोटी-छोटी बच्चियां क्लास में पढ़ रही थीं, तभी बम गिरा। ईरान सरकार ने इसे सबसे घातक हमला बताया। पूरी दुनिया में इस घटना की निंदा हो रही है।

अखिलेश यादव का पूरा बयान

अखिलेश यादव ने लिखा कि समाजवादी पार्टी अयातुल्ला खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब के एक स्कूल पर हुए सबसे घातक इजरायली-अमेरिकी हमलों में से एक, जिसमें 165 छात्राएं मारी गईं, दोनों की कड़ी निंदा करती है। जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानून, जो संघर्ष के समय में भी मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, ऐसे कृत्यों से गंभीर रूप से खतरे में हैं। हम उनकी शहादत को नमन करते हैं और इस क्षति से दुखी, शोक संतप्त सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। अखिलेश ने साफ कहा कि युद्ध में भी बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाला काम बताया।

अखिलेश ने क्या मांगा?

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करे। उन्होंने कहा कि भारत को शांति के लिए कूटनीति का इस्तेमाल करना चाहिए। युद्ध किसी की तरक्की नहीं लाता, बल्कि सिर्फ नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने पूरे विश्व से युद्ध रोकने की मांग की। यह बयान इसलिए खास है क्योंकि अखिलेश यादव आमतौर पर विदेश नीति के मुद्दों पर कम बोलते हैं। लेकिन बच्चों की मौत और एक देश के सर्वोच्च नेता की हत्या देखकर उन्होंने तुरंत आवाज उठाई। ईरान में इन हमलों के बाद शिया समुदाय में शोक की लहर है।लोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।