
प्रतीकात्मक जैन मंदिर
Jain Left The Village: मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर हुसैनपुर कला गांव है। यहां पर आबादी का संतुलन ऐसा बिगड़ा है कि इंसान तो क्या भगवान को भी गांव छोडऩा पड़ रहा है। यहां पर पहले जैन समुदाय के लोग गांव छोडक़र पलायन कर गए अब जैन मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु जिनालय समोशरण मूर्तियों को बुढ़ाना के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में स्थापित किया जा रहा है।
मुस्लिम समाज के लोग बढ़ते गए
कभी जैनियों के गांव के रुप में पहचान रखने वाले इस गांव में धीरे-धीरे मिश्रित आबादी हुई और मुस्लिम समाज की आबादी बढ़ती चली गई। ऐसा भी समय आया जब गांव में जैन समाज का एक भी परिवार नहीं रह गया है। यहां के जैन समाज के लोगों ने गांव छोडक़र शहर में या दिल्ली, नोयडा, गाजियाबाद आदि शहरों का रुख कर लिया। बहुत लोगों ने अपना मकान और जमीन मुस्लिम समुदाय के ही लोगों को बेच दिया।
25 मई को होगी मूर्तियों की स्थापना
जैन समाज के लोगों ने तय किया है कि 25 मई को धूमधाम से मूर्तियों को हुसैनपुर कला गांव से हटाकर विधि-विधान से बुढ़ाना गांव में स्थापित किया जाएगा। जबकि जैन समाज के गांव में स्थित यह मंदिर करीब 500 साल पुराना बताया जाता है। कभी जैन साधुओं के विहार व जिनवाणी से गूंजायमान रहने वाला गांव अब अजीब से सन्नाटा में डूबा है। यहां पर गांव में मुस्लिम बाहुल्य आबादी है, बताया जाता है कि यही कारण है कि जैन समाज के लोगों को गांव छोडऩा पड़ रहा है।
गांव का इतिहास
इस गांव में जैन समाज के लोग क्षेत्र की आर्थिक ताकत रहे हैं। यह क्षेत्र साहूकारी और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। गांव की जनसंख्या में पिछले पांच दशक में काफी फर्क आया है। जहां जैन बाहुल्य गांव था वहां पर अब 80 फीसद आबादी मुस्लिम बाहुल्य है।
Updated on:
23 May 2023 09:13 pm
Published on:
23 May 2023 08:34 pm
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