
अखिलेश यादव ने घोषित किया अपना राज्यसभा उम्मीदवार, इन बड़े नेताओं को दिया करारा झटका
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी से लंबे समय से जुड़ी अभिनेत्री जया बच्चन को एक बार फिर बड़ा तोहफा दिया है। समाजवादी पार्टी ने जया बच्चन को एकबार फिर राज्यसभा उम्मादवार बनाया है।
जया बच्चन फिर जाएंगी राज्यसभा
उत्तर प्रदेश में में सपा विधायकों की संख्या के आंकड़े को देखते हुए जया बच्चन का दोबारा राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि अखिलेश यादव ने जया बच्चन को राज्यसभा भेजकर नरेश अग्रवाल की उम्मीदवारी पर पानी फेर दिया है। आपको बता दें कि 2 अप्रैल को जया बच्चन की राज्यसभा सदस्यता खत्म हो रही है। मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी की विधानसभा में सदस्यों की संख्या 47 है। इतनी संख्या के बलबूते समाजवादी पार्टी राज्यसभा में अपने एक सांसद को ही भेज सकती है। नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा की सदस्यता भी खत्म हो रही है। ऐसे में माना जा रहा था कि पार्टी के वफादार और समाजवादी पार्टी के सत्ता हस्तान्तरण के दौर में अखिलेश के साथ खड़े किरणमय नंदा पार्टी की पहली पसंद होंगे, लेकिन जया बच्चन की राज्यसभा सीट के लिए उनकी जगह बली चढ़ गई।
कौन-कौन हो रहा रिटायर
उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य किरणमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, नरेश अग्रवाल और जया बच्चन का कार्यकाल 2 अप्रैल 2018 को खत्म हो रहा है। इसके अलावा बसपा से मुनकाद अली और सपा से मुनव्वर सलीम, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, भाजपा से विनय कटियार व सपा से एक अन्य सदस्य आलोक तिवारी भी दो अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इस तरह कुल नौ सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
दूसरी बार करेंगी प्रतिनिधित्व
चुनाव के बाद जया बच्चन दूसरी बार समाजवादी पार्टी का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करेंगी। आपको बता दें कि जया बच्चन की राजनीति में एंट्री अमर सिंह ने कराई था। जिसके बाद उन्हें समाजवादी पार्टी ने पहली बार राज्यसभा भेजा। हालांकि अमर सिंह और बच्चन परिवार में अब काफी दूरियां हैं लेकिन समाजवादी पार्टी और मुलायम परिवार के रिश्ते आज भी वैसे ही हैं।
ये है पूरी डील
आपको बता दें कि बीएसपी गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन दे रही है। बदले में सपा ने बीएसपी को राज्यसभा चुनाव में सपोर्ट करने का वादा किया है। इस लिहाज से राज्यसभा सीटों के चुनाव में सपा के नौ वोट बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को मिल जाएंगे। हालांकि बीएसपी को भीमराव अंबेडकर को जिताने के फिर भी मुश्किल आएगी। क्योंकि बसपा के पास केवल 19 विधायक ही हैं। ऐसे में सपा के समर्थन के बाद भी आंकड़ा 28 तक ही पहुंचेगा। बीएसपी को 38 के विजयी आंकड़े तक पहुंचने के लिए 10 और विधायकों की जरूरत पड़ेगी। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के सात विधायक भी बीएसपी को समर्थन कर सकते हैं। जिसके बाद 3 और विधायकों के समर्थन के लिए बीएसपी जोड़-तोड़ कर सकती है।
Updated on:
07 Mar 2018 06:41 pm
Published on:
07 Mar 2018 01:44 pm
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