
K Parasaran
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और अयोध्या मामले पर हिंदू पक्ष की पैरवी करने वाले के परासरण श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष होंगे। ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य होंगे जिनमें नौ स्थायी जबकि छह सदस्य नामित होंगे। यहीं ट्रस्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण करवाएगा। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि नव गठित ट्रस्ट का कार्यालय दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में होगा, जहां राम मंदिर निर्माण से जुड़े फैसले लिए जाएंगे। बहरहाल के परासरन अध्यक्ष बनने के बाद फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। लोगों ने उनके अध्यक्ष बनने के फैसले का स्वागत किया है। यह के परासरण के 9 साल तक हिंदू पक्ष की पैरवी करने का ही नतीजा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आया है। परासरन इस केस से इतने जुड़े हुए थे कि उन्हें अयोध्या मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें मुंह जुबानी याद हैं। वह अंगुलियों पर गिनकर बता सकते हैं कि किस तारीख में कौन सी घटना घटी थी। अयोध्या पर वह इतनी रिसर्च व इतना कुछ पढ़ चुके हैं कि उस पर एक किताब भी लिख सकते हैं।
पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी किया जा चुका है सम्मानति-
नवंबर में जब रामजन्मभूमि मामले पर फैसला आया तो के.परासरन पूरे देश में सुर्खियों में आए। उन्होंने हिंदू पक्ष की तरफ से मजबूत दलीलें रखी थीं। जब उन्होंने केस जीता तो बेहद भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही भगवान राम के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं। इसलिए उन्होंने ये केस लड़ा। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई से पहले उन्होंने इस केस के हर पहलू पर बारीकी से काम किया। परासरन रोजाना सुबह 10:30 बजे कानूनी दांवपेचों को समझने में जुट जाते थे। उनका काम देर शाम तक लगातार चलता रहता था। पूर्व अटॉर्नी जनरल रह चुके के परासरन को पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
Published on:
05 Feb 2020 09:23 pm
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