दो मौलाना सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है
लखनऊ. कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो मौलाना सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या मामले में बड़ा पर्दाफाश हुआ है। कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की हत्या भले ही लखनऊ (Lucknow) में हुई हो लेकिन इसकी साजिश दुबई (Dubai) में रची गई थी। गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) ने दावा किया है कि कमलेश तिवारी की हत्या के लिए सूरत से पिस्टल खरीदी गई थी। वहीं साजिश रचने के बाद एक शख्स दो महीने पहले ही दुबई से भारत कमलेश तिवारी की हत्या के लिए आया था। गुजरात एटीएस ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के लिए दुबई से आए शख्स ने दो लोगों को तैयार किया. सूरत से मिठाई खरीदने वाले दोनों लोग शूटर थे।
वहीं कमलेश की मां ने परिवार के दो सदस्यों के लिए नौकरी की मांग की है, और यह भी कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नहीं आएंगे तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं मृतक कमलेश तिवारी की पत्नी ने चेतावनी दी है कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी।
वहीं हत्याकांड मामले में पुलिस ने बिजनौर से दो मौलाना गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने मौलाना अनवारुल हक को नगीना के आशियाना कॉलेनी से गिरफ्तार किया है। वहीं, मौलाना नईम कासनी को भी तड़के गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि अनवारूल हक ने चार दिसंबर 2015 को बिजनौर में एसपी ऑफिस के सामने एक प्रदर्शन के दौरान कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने का एलान किया था। जबकि किरतपुर क्षेत्र के गांव भनेड़ा के मुफ्ती नईम कासमी ने भी कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को करोड़ों रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।