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Kanpur IT Raid : इत्र कारोबारी पीयूष जैन के यहां से 181 करोड़ की नकदी बरामद, सोने-चांदी के सिक्के और बिस्किट्स भी मिलने की है खबर

Kanpur IT Raid : कर चोरी की आशंका में बुधवार को डीजीजीआई की टीमों ने शिखर पान मसाला, गणपति ट्रांसपोर्ट के यहां छापा मारा था। सुराग के आधार पर गुरुवार को इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर, कन्नौज, गुजरात, मुंबई स्थित घर, फैक्ट्री, ऑफिस, कोल्डस्टोरेज और पेट्रोल पंप पर कार्रवाई शुरू की गई थी। शिखर पान मसाला ब्रांड मेसर्स त्रिमूर्ति फ्रेगरेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नाम से पान मसाला और तंबाकू बनाती है।

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लखनऊ

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Amit Tiwari

Dec 26, 2021

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Kanpur IT Raid :कानपुर-कन्नौज में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) अहमदाबाद की टीम ने छापेमारी कर अब तक करीब 177 करोड़ की नकदी और भारी मात्रा में सोने-चांदी के सिक्के और बिस्किट बरामद किए हैं। हालांकि अभी तक इत्र कारोबारी के यहां से बरामद नकदी और सोने-चांदी के सिक्के और बिस्किट्स की बरामदगी की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है और न ही किसी तरह का खंडन सामने आया है। वहीं डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन को आनंदपुरी स्थित आवास से शुक्रवार देर रात हिरासत में ले लिया था। इसके बाद टीम ने महानिदेशालय के सर्वोदय नगर स्थित कार्यालय में ले जाकर पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद टीम उसे लेकर कन्नौज रवाना हो गई थी। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा गुजरात में हुआ था।

कानपुर से 177 व कन्नौज से 4 करोड़ की नकदी मिली

कन्नौज स्थित घर पर फिंगर लॉक वाले लॉकरों को खुलवाया गया। टीम लगातार कार्रवाई के बाद 181 करोड़ रुपये की नकदी मिली है। जिसमें से 177 करोड़ रुपये आनंदपुरी स्थित घर से और चार करोड़ कन्नौज से बरामद हुए हैं। आनंदपुरी से एक और कन्नौज से दो तिजोरियां (फिंगर प्रिंट से संचालित) भी मिली हैं। इत्र कारोबारी के बेटों प्रत्युष, प्रियांश जैन हिरासत में लिए जा चुके हैं।

पीयूष जैन के दोनों बेटे और भतीजा हिरासत में

बता दें कि इत्र कारोबारी पीयूष जैन की कंपनी मेसर्स ओडोचेम कंपनी कन्नौज में इत्र का कारोबार करती है। इत्र कारोबारी के बेटे प्रत्युष, प्रियांश जैन और भतीजे मोलू को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। पीयूष जैन को कानपुर या कन्नौज में किसी गुप्त ठिकाने पर रखा गया है।

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फर्जी ई-वे बिल और इनवाइस के जरिए करते थे खेल

पीयूष जैन के यहां तीन दिन तक चली जांच के बाद 42 बक्सों के जरिये नकदी एसबीआई स्थित मुख्यालय में जमा कराया गया है। नोट गिनने के लिए 14 मशीनें लगी थीं। बताया जाता है कि तीनों कारोबारी आपस में सांठगांठ कर फर्जी ई-वे बिल, इनवाइस के जरिये माल इधर उधर भेजते थे।

गुजरात से कानपुर पहुंची डीजीजीआई की टीम

ई-वे बिल से बचने के लिए ज्यादातर ये लोग 50 हजार से कम के माल की बिल्टी बनाते थे। भले ट्रक में माल लाखों का भरा हो। कुछ समय पहले गुजरात में ऐसे ही फर्जीवाड़े में पकड़े गए ट्रकों के आधार पर टीम यहां कानपुर और कन्नौज तक पहुंची थी।

इत्र कारोबारी एक बड़े परिसर में बनवा रखे हैं 4 मकान

पीयूष जैन के एक बड़े परिसर में कुल चार मकान बने हैं। बेहद रहस्यमयी ढंग से बनाए गए इन मकानों में आने जाने के लिए कुल आठ दरवाज़े हैं। यहां कोई भी मकान आपस में जुड़े नहीं हैं, इसलिए अधिकारियों को एक से दूसरे में जाने के लिए बाहर निकलना पड़ता है। यहां से अब तक क़रीब चार भरे हुए बोरे बरामद हुए हैं, जिनमें नोटों के होने की चर्चा है। वहीं बड़ी संख्या में सोने के सिक्के और बिस्किटों के मिलने की बात भी कही जा रही है।