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लालजी टंडन का दावा, सपा से मेलजोल के खिलाफ थे कांशीराम

लालजी टंडन ने दावा किया कि बसपा संस्थापक कांशीराम सपा से मेलजोल के खिलाफ थे।

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लखनऊ

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Dikshant Sharma

Mar 26, 2018

tandon ke kabutar

tandon ke kabutar

लखनऊ. राज्यसभा चुनाव के निर्णय आने के बाद बसपा - सपा के रिश्तों में आयी मिठास भाजपा को रास नहीं रही । इसके पीछे भाजपा का अपना अनुभव और तर्क है । भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद / मंत्री और 1995 में बसपा से गठबंधन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लालजी टंडन ने दावा किया कि बसपा संस्थापक कांशीराम सपा से मेलजोल के खिलाफ थे। और यही कारण है कि कुछ ही महीनों में उन्होंने मुलायम सिंह यादव से पल्ला झाड़ लिया था ।

नहीं होगा सफल गठबंधन

लालजी टंडन ने कहा कि सपा और बसपा में गठबंधन की जो सुगबुगाहट है वे ज़्याद दिन नहीं रहेगी । उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन सफल नहीं रहे हैं । वर्ष 2007 में मायावती और 2012 में अखिलेश यादव की सरकार बिना गठबंधन के बनी थी । दोनो ही यह बात बाखूबी जानते हैं । इसलिये दोनों के मन में अकेले सरकार बनाने की इच्छा कही न कही ज़रूर होगी । अगर ऐसा नहीं है तो ज़रा बुआ भतीजा बताएं कि उनमें से गठबंधन का नेता कौन है ?

उधर मायावती ने दो दिन पूर्व आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव को कम अनुभवी बताया था। ज़ाहिर है वो यही सन्देश देना चाहती थी कि गठबंधन हुआ तो दल की नेता वही होंगी ।

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मायवती ने बाँधी थी लालजी टंडन को राखी

बताते चलें कि अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को भाजपा और बसपा से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा था कि ये दोनों दल चुनाव में गठबंधन की भावना को व्यक्त करने के लिए एक बार फिर रक्षाबंधन मना सकते हैं । ये तंज उन्होंने इसलिए मारा था क्योंकि लालजी टंडन को बसपा सुप्रीमो मायावती ने 22 अगस्त 2002 को भाजपा नेता लालजी टंडन को अपना भाई बनाते हुए उन्हें चांदी की राखी बांधी थी ।