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कारगिल विजय दिवस: शहीदों ने विजय का उपहार देकर अमिट छाप छोड़ी: रामगोविंद चैधरी

समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण मंत्री रामगोविंद चैधरी ने कारगिल दिवस पर देश के श‌हीद सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह संकल्प दोहराया है कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों के परिजनों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

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Raghvendra Pratap

Jul 26, 2016

Kargil Vijay Diwas

Kargil Vijay Diwas

लखनऊ. समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण मंत्री रामगोविंद चैधरी ने कारगिल दिवस पर देश के श‌हीद सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह संकल्प दोहराया है कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों के परिजनों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में श‌हीद सैनिकों के मामलों में बढ़चढ़कर सहायता की गई है। रामगोविंद चैधरी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के लिए 26 जुलाई का दिन एक महत्वपूर्ण दिवस है, क्योंकि हम इसे कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है और द्रास के वॉर मेमोरियल समेत देशभर में विभिन्न जगहों पर कारगिल युद्ध में शहीद वीर सपूतों को श्रद्धांजलियां दी जा रही हैं।

यूपी के 87 वीर सपूत शहीद हुए थे कारगिल में
रामगोविंद चैधरी ने इस मौके पर कहा कि कारगिल युद्ध में देश को विजय का उपहार देकर भारतीय सेना ने भारतवासियों के हृदय पटल पर अमिट छाप छोड़ी है, विशेषकर भारत विरोधी शक्तियों की नींव को हिलाकर रख दिया है। आज इस अवसर पर वह उन सभी शहीदों को शत.शत नमन करते हैं। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में उत्तर प्रदेश के 87 वीर सपूत शहीद हुए तथा कारगिल युद्ध के बाद सैनिक शिविरों व सुरक्षा बलों पर हमलों में 61 सैनिक शहीद हुए तथा 63 सैनिक घायल हुए।

कैप्टन मनोज पाण्डेय ने घुसपैठियों को मार भगाया था
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की शहीद और वीर गाथा में सबसे पहले कैप्टन मनोज पाण्डेय का नाम आता है। जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना घुसपैठियों को मार भगाया। इस बहादुरी के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह ने अभूतपूर्व साहस दिखाते हुए दुश्मन को खदेड़ भगाया उनके इस अदम्य साहस और वीरता के लिए सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रदेश के वीरों को 7 वीर चक्र, 5शौर्य चक्र तथा अन्य पदकों से सम्मानित किया गया। कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को 42 पेट्रोल पम्प तथा 27 एलपीजी एजेंसियां प्रदान की गईं।

यूपी में चार लाख से अधिक पूर्व सैनिक
रामगोविंद चैधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य में सेवारत एवं पूर्व सैनिकों की संख्या अन्य सभी प्रदेशों से सर्वाधिक है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगभग चार लाख से अधिक पूर्व सैनिक तथा वीर नारियां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सदैव पूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के लिए अनुदान एवं सुविधाओं में लगातार वृद्धि करती रहती हैं। उनके लिए उत्तर प्रदेश सरकार कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं भी चला रही है। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में शहीद सैनिकों के माता-पिता को वर्ष 2012 में2500 पेंशन मिलती थी, जो बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह कर दी गई और पत्नियों की पेंशन 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है। उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध पेंशन वर्ष 2012 में 2500 थी, जो बढ़ाकर 4000 रुपए और फरवरी 2016 में6000 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है।

वीरता एंव विशिष्ट सेवा पदकों में 30 फीसदी की वृद्धि
सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008के बाद पहली बार अप्रैल 2016 में वीरता एवं विशिष्ट सेवा पदकों के एकमुश्त एवं वार्षिकी में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, उदाहरण के तौर पर परमवीर चक्र की राशि 25 लाख से 32.5 लाख रुपए कर दी गई है। वर्ष 2015.16से विकलांग सैनिकों की देखरेख के लिए प्रतिवर्ष प्रति पात्र एक लाख रुपए का अनुदान देना शुरू किया गया है। लखनऊ छावनी में स्मारिका में उत्तर प्रदेश के तीन परमवीर चक्र विजेताओं के स्मृति चिन्ह हेतु सरकार ने 30 लाख का अनुदान दिया है।

मृत्क आश्रितों को यूपी सरकार ने 20 लाख अनुग्रह राशि दी
राज्य सरकार ने अगस्त 2014 से सशस्त्र सेनाओं में कार्यरत उत्तर प्रदेश के सैनिकों की कर्तव्यपालन के दौरान आतंकवादी, अराजक तत्वों की हिंसा, देश की सीमा पर अंतर्राष्ट्रीय युद्ध या सीमा पर छुट-पुट घटनाओं, लड़ाकू, आतंकवादियों अथवा अतिवादी आदि गतिविधियों के फलस्वरूप प्रदेश के बाहर मृत्यु हो जाने पर तथा बाकी सभी राज्यों के निवासी सैनिकों जो भारतीय सेना अथवा केंद्रीय या अन्य राज्यों के अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत हों तथा जिनकी कर्तव्यपालन के दौरान इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अंदर मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 20 लाख की अनुग्रह धनराशि दी जा रही है।

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