
Lari Cardiology Department of King George Medical University (KGMU)
KGMU: लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में इलाज में लापरवाही के कारण एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया गया है। इस जांच समिति ने मृतक के परिजनों को बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार को बुलाया।
मामला क्या था?
यह घटना 23 नवंबर की रात की है, जब घूंघटेर क्षेत्र के भदेसिया गांव में एक मरीज को उपचार में लापरवाही के कारण गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा। आरोप है कि डॉ. नीरज कुमार ने कई बार अनुरोध करने के बावजूद मरीज को समय पर इलाज नहीं दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके अलावा, पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता भी की गई।
परिजनों की मांग
मृतक के बेटे, सैफ खान ने अपने लिखित बयान में पूरी घटना का विवरण दिया। सैफ खान ने जांच कमेटी को बताया कि न केवल इलाज में लापरवाही बरती गई, बल्कि घटना के बाद भी अस्पताल की ओर से उचित कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मृतक की दिव्यांग बेटी को सरकारी नौकरी और प्रदेश सरकार से 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की गई।
जांच की प्रक्रिया और क्या हुआ अब तक?
जांच कमेटी में भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जनशक्ति) के राष्ट्रीय सचिव मो. सलमान और प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव भी शामिल थे। इस समिति ने अपनी जांच में बताया कि डॉ. नीरज कुमार द्वारा मरीज की देखभाल में बड़ी लापरवाही बरती गई, जो बेहद गंभीर मुद्दा था। मामले में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से मिलने पहुंचे परिजन
परिजनों के साथ सैफ खान, कैफ सिद्दीकी और ओसामा अहमद ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके ओझा को सौंपा, जिसमें उन्होंने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए हैं और अब जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा?
इस मामले में लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए हैं और यह स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना न केवल चिकित्सा क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किसी मरीज की जान के साथ खेलना कितनी गंभीर समस्या हो सकती है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
Updated on:
28 Nov 2024 12:53 pm
Published on:
28 Nov 2024 12:52 pm
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