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यूपी के इस सरकारी अस्पताल में होगी ऑफलाइन नर्सिंग भर्ती परीक्षा, जानिए क्या आया फैसला

लोहिया में गड़बड़ी करने वाली एजेंसी को मिली थी जिम्मेदारी, पहले परीक्षा केंद्रों में बड़े पैमाने पर गड़बडिय़ां उजागर हुई थी। परीक्षकों को बंधक बना लिया गया था।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Oct 20, 2023

नर्सिंग ऑफिसर के लिए जारी हुआ था विज्ञापन

नर्सिंग ऑफिसर के लिए जारी हुआ था विज्ञापन

लोहिया संस्थान में काफी गड़बड़ी उजागर होने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने ऑनलाइन नर्सिंग भर्ती परीक्षा कराने का अपना फैसला बदल दिया है। अब यह भर्ती परीक्षा ऑनलाइन के बजाए ऑफलाइन होगी। परीक्षा से ऐन वक्त पहले यह तब्दीली की गई है। लोहिया में परीक्षा कराने की जिम्मेदारी भी एडुटेस्ट एजेंसी को ही मिली थी। केजीएमयू में भी इसी एजेंसी का नाम फाइनल हो गया।

कार्यपरिषद के दबाव के बाद लिया फैसला

अहम यह है कि लोहिया में डॉ. सोनिया नित्यानंद के कार्यकाल में ही ऑनलाइन परीक्षा हुई। अब उन्हें केजीएमयू की जिम्मेदारी भी मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि कार्यपरिषद के दबाव के बाद यह बदलाव किया गया है। यह फैसला केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया है। अब ओएमआर सीट पर अभ्यर्थियों को सवालों के जवाब देने होंगे।


नर्सिंग ऑफिसर के लिए जारी हुआ था विज्ञापन

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक के मिनट्स जारी किए गए। जून 2023 को केजीएमयू ने नर्सिंग ऑफिसर के 1291 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। देश भर से तकरीबन 60 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। टेंडर मिलने के बाद परीक्षा कराने की जिम्मेदारी मैसर्स एडुटेस्ट को मिली। कम्प्यूटर आधारित टेस्ट के जरिए भर्ती प्रक्रिया होनी थी।

केंद्रों पर परीक्षकों को बंधक बनाया गया

लोहिया संस्थान में नर्सिंग भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी भी एडुटेस्ट को मिली थी। परीक्षा में काफी गड़बड़ी उजागर हुई थी। इससे सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी। देश के कई राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिस पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जाहिर की थी। उसके बाद परीक्षा केंद्रों में संशोधन हुआ था। फिर परीक्षा केंद्रों में बड़े पैमाने पर गड़बडिय़ां उजागर हुई थी। कई केंद्रों पर परीक्षकों को बंधक बना लिया गया था।

ज्यादातर आवेदक यूपी के

कम्प्यूटर आदि में भी खामियां मिली थी। इससे सबक लेते हुए केजीएमयू प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षा कराने से तौबा कर लिया है। कार्यपरिषद में बताया गया है कि ज्यादातर आवेदक यूपी के हैं। एक से अधिक राज्यों में परीक्षा कराने में अड़चन आ सकती है।

ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा

भर्ती परीक्षा में बदलाव के मद्देनजर केजीएमयू प्रशासन ने नए अभ्यर्थियों से आवेदन मांगने का भी फैसला किया है। साथ ही पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों से परीक्षा केंद्रों में संशोधन का विकल्प भी मांगा जाएगा। इसके लिए सात दिनों की मोहलत दी जाएगी। तय समय में केजीएमयू का ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा। ताकि अभ्यर्थी आवेदन व परीक्षा केंद्र में संशोधन के लिए आवेदन कर सकें।


कुलपति ने परीक्षा के लिए बनाई कमेटी

मैसर्स एडुटेस्ट ने 10 अक्टूबर को केजीएमयू प्रशासन को ईमेल किया। जिसमें नर्सिंग ऑफिसर के 60 हजार आवेदन की एक पाली में परीक्षा कराने में असमर्थता जाहिर की। कुलपति ने परीक्षा के सुचारू कराने के लिए कमेटी गठित की। कमेटी ने परीक्षा के सुचारू गोपनीय निष्पक्ष व समयबद्ध कराने के लिए कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट की जगह ओएमआर फार्मेट (ऑफलाइन) परीक्षा कराये जाने की संस्तुति की। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने एवं सम्पूर्ण परीक्षा कार्यवाही एक ही शिफ्ट में कराई जाएगी।

कार्य परिषद ने किया मना

कार्यपरिषद में कुलसचिव रेखा एस चौहान ने लोक सेवा आयोग से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराए जाने का सुझाव दिया। कुलसचिव ने कहा कि वर्ष 2021-22 में केजीएमयू में नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया लोक सेवा आयोग से हुई थी। कार्य परिषद सदस्यों ने लोक सेवा आयोग से परीक्षा कराए जाने से मना कर दिया। कहा चयन प्रक्रिया में काफी देरी हो सकती है। साथ ही उम्मीदवारों के चयन की गुणवत्ता के दृष्टिगत केजीएमयू का कोई पर्यवेक्षण व नियंत्रण भी नहीं हो पाएगा।

नर्सिंग ऑफिसर की होगी भर्ती

कार्यपरिषद ने कहा कि केजीएमयू इससे पहले वर्ष 2014 में सीपीएमटी सफलतापूर्वक करा चुका है। ऑफलाइन परीक्षा कराने का केजीएमयू को अनुभव व संसाधन है। कार्य परिषद ने सर्वसम्मति से मैसर्स एडु टेस्ट के स्थान पर केजीएमयू स्तर से नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती कराने का फैसला लिया गया। कंपनी को आवेदकों का डाटा सुरक्षित तरीके से देने के लिए भी निर्देशित किया गया है। साथ ही केजीएमयू को तय दरों के हिसाब से प्रथम चरण के कार्य का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

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