लच्छू महाराज जी का अपना एक अलग ही किरदार देखने को मिलता था।
Ritesh Singh
लखनऊ , कौन हैं जो लच्छू महाराज के बारे में ना जनता हो, lachhu maharaj के इतने किस्से हैं जिसे सुन कर कही मज़ा आता हैं तो कही पर बहुत ही हैरानी भी होती हैं। लच्छू महाराज ने अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत भी की हैं। Lachhu Maharaj एक तबला वादक होने के साथ साथ , एक अच्छे कोरियोग्राफर भी थे।
नवाबों का शहर लखनऊ कहा जाता हैं एक समय जब इस शहर में नवाबों का बोलबाला हुआ करता था तो हर शाम सुरमई होती थी खासतौर से चौक में डॉक्टर त्रिलोकी नाथ वर्मा की कोठी में जहा पर एक से बढ़ कर एक कलाकार अपनी पेशकश देते थे। जिसमें Lachhu Maharaj जी का अपना एक अलग ही किरदार देखने को मिलता था।
Lachhu Maharaj के चाहने वालो ने कही अपने दिल की बात
पुराने लखनऊ में रहने वाले आशिफ जिनकी उम्र 75 साल की हैं वो बताते हैकि एक समय था ही हमलोग अपने सभी दोस्तों के साथ डॉक्टर त्रिलोकी नाथ वर्मा की कोठी के नीचे जाकर कर घंटो - घंटो खड़े रहते थे। क्योकि जो धुन कोठी की सीढ़ियों से उतर कर हम लोगो के पास आती थी अब वैसी धुन , संगीत , को सुने अरसे हो गए हैं। समय बहुत बदल गया हैं। पहले की तरह संगीत भी नहीं रहा।
Lachhu Maharaj के बहुत से उनके एक करीब जानकर ने बतायाकि मीना कुमारी की फिल्म पाकीज़ा में लच्छू महाराज ने डांस किया हैं क्योकिं मीना कुमारी को डांस के स्टेप्स करने में दिक्कत हो रही थी वो बार बार गलती करती और लच्छू महाराज उनको समझाते।
Lachhu Maharaj
Lachhu Maharaj का असली नाम लक्ष्मी नारायण सिंह था यह १२ भाई - बहन थे यह अपने भाई - बहनों के चौथे नंबर के थे। लक्ष्मी नारायण सिंह ने एक विदेशी महिला से शादी की थी। शादी के कुछ साल बाद एक बेटी ने जन्म लिया जिसका नाम नारायणी रखा। जिंदगी के कई उतार चढ़ाव को देखा और 27 जुलाई 2016 को जिंदगी की आख़री सास ली।