
शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण प्रयास का आरोपी पुलिस की तलाश में, 25,000 रुपये का इनाम घोषित (Source: Police Media Cell)
Lucknow KGMU accused offered a 25,000 rupee reward: केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण प्रयास के आरोप में शामिल एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की पुलिस लगातार तलाश में है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है और तीन विशेष टीमों को उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है और अब तक पकड़ से बच रहा है। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया है।
मामला तब सामने आया जब पीड़िता और उसके परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और धर्मांतरण का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि शिकायत में आरोपी द्वारा विश्वास तोड़ने और धोखे से शारीरिक और मानसिक शोषण किए जाने का उल्लेख किया गया है। ऐसे मामलों में पुलिस तुरंत जांच शुरू कर पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें विशेष रूप से तैनात की हैं। पहली टीम लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध लोकेशन्स की निगरानी कर रही है। दूसरी टीम सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही है। तीसरी टीम स्थानीय नागरिकों और अस्पताल परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि कोई भी जानकारी होने पर तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। यह कदम सामाजिक भागीदारी और पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में जनता की सतर्कता और सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है। इनाम की घोषणा से यह संदेश जाता है कि कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने में हर व्यक्ति की मदद महत्वपूर्ण है।
कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेने तक कोई जमानत नहीं दी जाएगी। वकीलों के अनुसार, गैर-जमानती वारंट उन मामलों में जारी किया जाता है जहाँ अपराध की गंभीरता अधिक होती है और आरोपी के फरार होने या सबूतों को प्रभावित करने की संभावना होती है।
वकील अनुराग का कहना है कि ऐसे मामलों में समाज और कानून का संदेश स्पष्ट होना चाहिए। किसी भी प्रकार का यौन शोषण या धोखे से विवाह/धर्मांतरण प्रयास कानून द्वारा सख्ती से अपराध माना जाता है। पुलिस और न्यायालय पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहते हैं। समाज को ऐसे मामलों में सतर्क रहना और तुरंत सूचना देना जरूरी है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान में काम करने वाले पेशेवर भी समाज की निगरानी और कानूनी जिम्मेदारी के दायरे में आते हैं।
पुलिस ने पीड़िता की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। उसके निवास और दैनिक गतिविधियों पर सुरक्षा की निगरानी। मानसिक और चिकित्सकीय सहायता प्रदान करना। मामले की गोपनीयता बनाए रखना। साथ ही, पुलिस ने कहा कि इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
लखनऊ पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी हो तो सीधे पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। किसी भी सूचना की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी। इनाम पाने वाले व्यक्तियों की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी। इस प्रकार की जनता-पुलिस सहभागिता अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में मदद करती है।
Updated on:
02 Jan 2026 11:44 pm
Published on:
03 Jan 2026 03:30 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
