22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी का ऐसा गांव, जहां लोगों को 3 दिनों में एक बार मिलता है पीने का पानी

Lahuriyadah village: इस ज़माने में भी यूपी में एक ऐसा गांव है जहाँ लोगों को 3 दिनों में एक बार पानी दिया जाता है। आइये जानते हैं उस गांव की कहानी

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Aniket Gupta

Mar 22, 2023

,

,

आज वर्ल्ड वाटर डे पर हम आपको यूपी के एक ऐसे गांव की कहानी बताएंगे जहाँ आज के समय में भी लोग पानी को तरसते हैं। एक तरफ जहाँ लोग एक दिन में 20 से 30 लीटर पानी का यूज करते हैं वहीँ इस गाँव के लोगों को 3 दिनों में सिर्फ 15 लीटर पानी हीं नसीब होता है। इस गाँव में पानी की ऐसी किल्लत है कि लोग जैसे राशन लेने के लिए कार्ड दिखाते हैं ठीक उसी प्रकार यहाँ के लोग कार्ड दिखा कर पानी लेते हैं। आप खुद सोच सकते हैं कि जिस गांव में तीन दिनों पर सिर्फ 15 लीटर पानी ही लोगों को नसीब होती हो, उस गांव के लोग पानी के किल्लत से कैसे जूझ रहे होंगे।

पानी की किल्लत विरासत में मिली है इस गांव को
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित मिर्ज़ापुर के लहुरियादह गाँव की यह कहानी आज की नहीं बल्कि सदियों से चलती आ रही है। ऐसा कहा जाता है कि इस गांव को पानी की किल्लत विरासत में मिली है। सोचिए, यदि आपको तीन दिनों तक सिर्फ 15 लीटर पानी से ही काम चलाना हो तो आप कैसे काम चलाएंगे।

ज़्यदातर लड़के कुंवारे मिलते हैं गांव में
इस गाँव के लोगों के पास ऐसी समस्या है की अगर इन्हें और अधिक पानी की जरूरत पड़ती है तो गांव के बाहर एक झरने तक जाना पड़ता है और वहां से बर्तन में पानी भरकर सिर पर लादकर उन्हें घर तक लाना होता है। आप यह जान कर चौंक जायेंगे कि यहाँ पानी की ऐसी किल्लत है की लोग अपनी बेटी की शादी इस गाँव में नहीं करना चाहते और इसी कारण यहाँ ज़्यदातर घरों में कुंवारें लड़के देखने को मिलते हैं।

गाँव की कुल आबादी 2 हज़ार है
यह गाँव जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर बसा है जो पिछड़े इलाके में गिना जाता है। यहाँ की यह पानी की किल्लत पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। आपको यह जान कर भी हैरानी होगी की इस गाँव की कुल आबादी 2 हज़ार है। यहाँ के लोगों को राशन और पानी दोनों की कार्ड से दिए जाते हैं। बस फर्क सिर्फ इतना है कि राशन एक महीने 3 किलो मिलता है वही पानी हर रोज़ 5 लीटर।

टैंकर से की जाती है जलापूर्ति
गाँव में पानी की ऐसी किल्लत है कि लोगों के डिमांड को देखते हुए टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। और यह 3 दिन में सिर्फ एक बार आता है जिसके लिए लोग इंतजार में रहते हैं और जब टैंकर आता है तो एक व्यक्ति के हिसाब 15 लीटर पानी दिया जाता है।कई बार यहाँ पानी को लेकर लोगों के बीच झगड़े हो जाते है। इस गांव में अधिकतर महिलाएं ही पानी के लिए टैंकर तक जाती हैं। क्योंकि लाइनें इतनी लम्बी होती है कि अगर पुरुष पानी के लिए गए तो दिन भर का समय उनका पानी लेने में ही लग जाता है और फिर उनका दैनिक कार्य बिगड़ जाते हैं।

पीढ़ियों से चलती आ रही पानी की समस्या
गांव के लोग बताते हैं कि यहाँ पानी की किल्लत पुरखों के समय से ही चलती आ रही है। पहले लोग झरने पर निर्भर थे फिर धीरे-धीरे जलस्तर और कम होने लगा। लिहाजा समस्या और बढ़ती चली गई। मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वी. एस. के अनुसार, इस गांव के लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए गांव में 7 से 8 टैंकर पानी की आपूर्ति की जा रही है।