28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gold Rate: सर्राफा एसोसिएशन ने जारी किए सोने-चांदी के नए खुदरा भाव, ग्राहकों को मिली पारदर्शी जानकारी

Gold and Silver Retail Rates : सर्राफा एसोसिएशन ने खुदरा ग्राहकों के लिए सोने और चांदी के नए बिक्री दर जारी किए हैं। 10 ग्राम के आधार पर तय इन दरों में 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव शामिल हैं, जबकि चांदी के गहनों की कीमत भी घोषित की गई है।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jan 22, 2026

सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के नए खुदरा दर जारी, ग्राहकों को कीमतों की पूरी जानकारी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के नए खुदरा दर जारी, ग्राहकों को कीमतों की पूरी जानकारी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Gold Price: स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर सर्राफा एसोसिएशन द्वारा नए खुदरा बिक्री दर (Retail Sale Rates) जारी कर दिए गए हैं। ये दरें 10 ग्राम के आधार पर तय की गई हैं और आम उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए घोषित की गई हैं। सर्राफा एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इन दरों में जीएसटी (GST), मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क शुल्क अतिरिक्त होंगे। सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार, शुद्धता और कैरेट के आधार पर सोने की कीमतों में अंतर रखा गया है, ताकि ग्राहक अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार सही विकल्प चुन सकें।

सोने की नई खुदरा दरें (प्रति 10 ग्राम)

सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जारी सूची के अनुसार-

  • 24 कैरेट शुद्ध सोना: ₹ 1,61,000 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना (92% शुद्धता): ₹ 1,49,000 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना (76% शुद्धता): ₹ 1,23,100 प्रति 10 ग्राम

एसोसिएशन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू मांग को ध्यान में रखते हुए इन दरों को तय किया गया है।

चांदी के गहनों की कीमत

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी स्थिरता देखने को मिली है। सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार-

चांदी (ज्वेलरी): ₹ 3,32,000 प्रति किलोग्राम

यह दर खासतौर पर चांदी के आभूषणों के लिए निर्धारित की गई है। इसमें भी जीएसटी और मेकिंग चार्ज अतिरिक्त रूप से लागू होंगे।

जीएसटी, मेकिंग और हॉलमार्क शुल्क अलग

सर्राफा एसोसिएशन ने उपभोक्ताओं को यह जानकारी भी दी है कि घोषित दरें केवल धातु की मूल कीमत (Base Price) हैं। इसके अतिरिक्त ,GST (वस्तु एवं सेवा कर),मेकिंग चार्ज (निर्माण शुल्क),हॉलमार्क चार्ज (शुद्धता प्रमाणन शुल्क) अलग से लिए जाएंगे। ग्राहकों को खरीदारी से पहले दुकानदार से पूरी बिलिंग जानकारी लेने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

ग्राहकों के लिए पारदर्शिता पर जोर

सर्राफा एसोसिएशन का कहना है कि इन दरों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे ग्राहक अलग-अलग दुकानों में भ्रमित हुए बिना एक समान दरों पर खरीदारी कर सकेंगे। एसोसिएशन के प्रतिनिधि विनोद महेश्वरी ने बताया कि सर्राफा व्यापार में विश्वास सबसे अहम होता है। सही दरों की जानकारी से ग्राहक न केवल संतुष्ट रहते हैं, बल्कि बाजार की विश्वसनीयता भी बनी रहती है।

शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में बढ़ती मांग

सर्राफा बाजार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि आने वाले समय में शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन को देखते हुए सोने और चांदी की मांग में और तेजी आ सकती है। ऐसे समय में कीमतों की सही जानकारी ग्राहकों के लिए बेहद जरूरी होती है। 22 कैरेट सोना विशेष रूप से आभूषण निर्माण के लिए सबसे अधिक पसंद किया जाता है, जबकि 24 कैरेट सोना निवेश के उद्देश्य से खरीदा जाता है। वहीं 18 कैरेट सोना आधुनिक और हल्के आभूषणों के लिए युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है।

निवेशकों की नजर भी सर्राफा बाजार पर

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में सोना निवेश का एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के दौर में लोग सोने को सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven Asset) के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी की गई दरें निवेशकों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो रही हैं।

हॉलमार्क गहनों को प्राथमिकता देने की अपील

सर्राफा एसोसिएशन ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हमेशा हॉलमार्क लगे आभूषण ही खरीदें। इससे सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है और भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। एसोसिएशन का कहना है कि हॉलमार्किंग से न केवल ग्राहक सुरक्षित रहते हैं, बल्कि पूरे सर्राफा व्यापार की साख भी मजबूत होती है।

स्थानीय बाजार को मिलेगा लाभ

स्थानीय सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि दरों की आधिकारिक घोषणा से बाजार में स्थिरता आती है और अनावश्यक मोलभाव या अफवाहों पर रोक लगती है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी लाभ मिलता है और ग्राहकों का भरोसा बना रहता है।

सर्राफा एसोसिएशन की पहल की सराहना

ग्राहकों और व्यापारियों दोनों ने सर्राफा एसोसिएशन की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की नियमित जानकारी से बाजार अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनता है।