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IAS की जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने भेजा Yogi को पत्र, पूछा- पेमेंट क्यूँ रोकी?

उत्तर प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से लगातार ट्रान्सफर पोस्टिंग से भ्रष्टाचार से जुड़े मामले सामने आए हैं, जिसमें कई बड़े अधिकारी अब तक सस्पेंड हो चुके हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पीडबल्यूडी, जल शक्ति मंत्रालय जैसे बड़े विभागों में कार्यवाई जारी है।  

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लखनऊ

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Dinesh Mishra

Jul 22, 2022

IAS Amit Mohan ACS Medical Health UP

IAS Amit Mohan ACS Medical Health UP

अब स्वास्थ्य विभाग का एक नया मामला भी सामने आया है, जिसमें खुद प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। जिसके बाद यूपी में ब्यूरोक्रेसी पर बड़ा सवालिया निशान लगा है। क्योंकि मेडिकल सप्लाई और इससे जुड़ी बड़ी कंपनी ने सीधे तौर पर पीएम मोदी कार्यालय में पत्र भेजकर एसीएस आईएएस अमित मोहन पर पैसा मांगने का आरोप लगाया है।


लोकयुक्त नोटिस के बाद बढ़ रही दिक्कतें
स्वास्थ्य विभाग में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद की मुश्किले लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रदेश के लोकायुक्त द्वारा दिए गए नोटिस के बाद अब उनके खिलाफ PMO तक शिकायत पहुंच गई है। इससे पहले उप मुख्यबमंत्री ब्रजेश पाठक के जवाब-तलब करने के बाद मुख्युमंत्री पहले ही उनके खिलाफ जांच के आदेश दे चुके हैं। टीम 9 के सदस्य ACS चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद लगातार मंत्रालय की नज़रों में अपनी कार्यशैली को लेकर बनें हुए हैं।


प्राइवेट कंपनी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर लगाया घूस का आरोप
लखनऊ की कंपनी के मालिक महेश चंद्र श्रीवास्तेव ने आईएएस अमित मोहन प्रसाद पर जबरन पेमेंट रोकने का आरोप लगाया है। हाल ही में लोकायुक्त के सचिव ने 28 जुलाई तक उनसे स्वास्थ्य विभाग में चल रही गड़बड़ी पर जवाब मांगा है।

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वहीं डिप्टी सीएम ने विभाग में तबादलों ट्रांसफर पॉलिसी की अनदेखी के कारण अमित मोहन प्रसाद से जवाब तलब किया था। लेकिन वो संतोष जनक जवाब नहीं दे सके थे। इसी मामले में मुख्यतमंत्री योगी ने भी जांच बैठाकर रिपोर्ट मांगी है।

पीएम मोदी कार्यालय की ओर से मांगी गई रिपोर्ट

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गुरुवार को एक पत्र लिखकर यूपी के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। जिसमें मुख्य सचिव को बताया गया है कि, आर क्यूचब ग्रुप ऑफ कंपनीज की फाइल को जबरन रोककर भुगतान क्यूँ रोका गया है। इसकी जांच करते हुए स्पष्ट करें।

प्रदेश के दर्जन भर जिलों के हॉस्पिटल में सेंट्रल गैस लाइन का काम

आर क्यूब कंपनी ने गोरखपुर, बलिया, प्रयागराज और गोंडा के जिला चिकित्सालयों में सेंट्रल गैस पाइपलाइन सिस्टम लगाने और 5 वर्षों तक देख-रेख का काम किया है लेकिन अब उसे भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिसका कारण आईएएस अधिकारी द्वारा घूस मांगना बताया जा रहा है।

दर्जनों हॉस्पिटल में काम कर चुके
लखनऊ के सिविल अस्पताल, भाऊराव देवरस संयुक्त चिकित्सालय महानगर में मॉड्यूलर ओटी के साथ ही अन्य काम भी किए गए। लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर नगर, प्रयागराज स्थित सीएचसी तथा राजाजीपुरम लखनऊ स्थित रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में फायर फाइटिंग के काम भी किए गए हैं। लेकिन किसी भी लेवल पर भुगतान नहीं किया गया है।

IAS AMIT MOHAN

अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आईएएस अमित मोहन प्रदेश में कई बड़े पदों पर रह चुके हैं। वहीं 18 मार्च 2020 से अब तक वो स्वास्थ्य विभाग मेन बनें हुए हैं।

इसके पहले वो प्रमुख सचिव - कृषि विभाग 14 सितंबर 2017 से 17 फरवरी 2020 तक रहे थे। जबकि सपा सरकार में भी वो कई पदो पर रहे हैं।

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