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Online License Process : अब घर बैठे बनवाएं होटल, अस्पताल व शराब के ठेके का लाइसेंस

Online License Process- अगले महीने से चिकित्सकीय सेंटर, होटल-रेस्टोरेंट, शराब व ईंट के भट्टे सहित करीब 2000 प्रतिष्ठानों का लाइसेंस लेने के लिए नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे : अपर नगर आयुक्त राकेश यादव

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Aug 23, 2020

Online License Process : अब घर बैठे बनवाएं होटल, अस्पताल व शराब के ठेके का लाइसेंस

अपर नगर आयुक्त राकेश यादव ने बताया कि सितम्बर से ऑनलाइन सुविधा शुरू हो जाएगी

लखनऊ. Online License Process. अगर आप होटल-रेस्टोरेंट और अस्पताल चाहते हैं या फिर आपको शराब की दुकान (देसी-अंग्रेजी), बीयर व मॉडल शॉप का लाइसेंस लेना है तो यह खबर आपके काम की है। लखनऊ नगर निगम अगले महीने से लाइसेंस की सुविधा ऑनलाइन शुरू करने जा रहा है। अगले महीने से चिकित्सकीय सेंटर, होटल-रेस्टोरेंट, शराब व ईंट के भट्टे सहित करीब 2000 प्रतिष्ठानों का लाइसेंस लेने के लिए नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अगले महीने से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसके बाद आप घर बैठे लाइसेंस बनवा सकेंगे।

अपर नगर आयुक्त राकेश यादव ने बताया कि सितम्बर से ऑनलाइन सुविधा शुरू हो जाएगी। यह शासन के मित्र पोर्टल के जरिए दी जाएगी। कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इसके बाद आवेदन और आवेदन फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। इसके लिए नगर निगम का अलग अकाउंट खुलवाया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के बाद ऑनलाइन ही लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।

करीब 2000 प्रतिष्ठानों के लिए जरूरी है लाइसेंस
होटल, रेस्टोरेंट, बार, अंग्रेजी शराब की दुकान, देशी शराब की दुकान, बीयर शॉप, मॉडल शॉप, बार, नर्सिंग होम- प्रसूतिगृह, जलपानगृह, कोल्ड ड्रिंक निर्माण एवं विक्रय केंद्र, पैथालॉजी, एक्सरे, ब्लड बैंक, एलोपैथ क्लीनिक, आयुष क्लीनिक और ईंट-भट्टा। जिन व्यवसायों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लिए जाने ने आवश्यक हैं, उनकी तादाद करीब 2000 है।

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अलग-अलग प्रतिष्ठानों का अलग-अलग शुल्क
इन प्रतिष्ठानों का एक साल के लिए लाइसेंस बनाया जाता है। जो अप्रैल से मार्च की अवधि तक प्रभावी होता है। विभिन्न व्यवासायिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस के लिए अलग-अलग शुल्क है।

अभी तक यह है लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया
अभी तक की व्यवस्था में आवेदक को 20 रुपए का पंजीकरण फार्म लेना पड़ता था, जिसे भरकर जमा करना होता था। इसके बाद निगम का निरीक्षक मौके का सर्वे कर उस पर रिपोर्ट लगाता है। फिर फीम जमा कर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।

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