
लखनऊ. जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में 25 नवंबर, 2017 को एलएमए ने वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री पी के लाहिरी थे। स्वागत उद्बोधन और समारोह के विषय का परिचय श्री आलोक रंजन, एलएमए और कन्वेंशन के अध्यक्ष द्वारा किया गया। समारोह के निदेशक श्री ए के माथुर द्वारा एलएमए के विजन और मिशन के बारे मे अपने विचार सांझा किए।
वर्ष 2002 से लगातार एलएमए द्वारा यह वार्षिक समारोह आयोजित किया जाता रहा है। एलएमए कन्वेंशन एक उच्च प्रोफ़ाइल इवेंट है जिसमें देश के सर्वोत्तम विषय और डोमेन विशेषज्ञ सार्वजनिक नीति के कुछ महत्वपूर्ण विषय पर विचार-विमर्श करते हैं। राज्य सरकार इन विचार-विमर्शों में एक प्रमुख हितधारक है और वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों ने अपने संगठन में सक्रिय रूप से समर्थन और योगदान दिया है। कन्वेंशन चार सत्रों में विभाजित किया गया था, पहला उद्घाटन सत्र दूसरा सत्र स्मार्ट प्रशासन के लिए गांवों के सुदृढ़ीकरण संस्थानों पर था, तीसरे स्थान पर भौतिक, डिजिटल और सामाजिक बुनियादी ढांचे को ट्रांसफ़ॉर्मिंग और कृषि सुधार और कृषि व्यवसाय और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर चौथे स्थान पर था।
मुख्य अतिथि श्री पी.के. लाहिड़ी ने गांवों के विकास के बारे में अपना संदेश देते हुए उद्धृत किया कि "शहरों और गांवों में सहजीवी संबंध हैं" क्योंकि उनके अनुसार हम स्मार्ट शहरों के बिना स्मार्ट गांवों के बारे में कल्पना नहीं कर सकते हैं और ना ही स्मार्ट गावों के बिना शहरों की। इस मौके पर अपने अपने क्षेत्र मे उत्कृष्ट कार्य करने हेतु चार विभूतियों को एलएमए वार्षिक पुरष्कार से सम्मानित किया गया जिसके तहत डॉ. धीरज मेहरोत्रा को एलएमए रचनात्मकता एवं अभिनव पुरस्कार 2017, डॉ महेन्द्र भंडारी को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ट्रांसफॉर्मेशन लीडरशिप अवार्ड -2017, डॉ सुश्री मंजू अग्रवाल को आउटस्टैंडिंग वूमन अचीवर्स अवार्ड्स 2017 औरतकनीकी नवाचारों के क्षेत्र मे उत्कृष्ट कार्य करने हेतु श्री मिलिंद राज को एलएमए यंग अचीवर्स पुरस्कार 2017 से नवाजा गया। इसी क्रम में पूर्व मुख्य सचिव और एलएमए के अध्यक्ष आलोक रंजन को लाइफ टाइम आचीवमेंट अवार्ड-2017 से नवाजा गया। यह पुरस्कार एशिया प्रशांत क्षेत्र में सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र में प्रबुद्ध नेतृत्व को स्वीकार करता है और जश्न मनाता है। जिन्होंने नेतृत्व के अपने पूरे करियर में अपने समाज के मूल्य-आधारित सामाजिक स्तर के माध्यम से मूल्यों को बढ़ावा दिया है।
सम्मेलन के प्रमुख वक्ताओं में प्रो. वाईएस राजन, सुधीर कृष्णा, सुश्री विनीता हरिहरन, सुश्री अंजली मखीजा, श्री विनय कुमार, डॉ. बी. गंगायह, प्रो. महेंद्र भंडारी, श्री विकास सिंह, श्री अरविंद गुप्ता, श्री जयंत कृष्ण उन्होंने भविष्य की योजनाओं और गांवों के विकास पर सिफारिशों पर प्रकाश डाला। भविष्य की योजनाओं में गांवों का समग्र विकास ग्रामीण क्षेत्रों को स्व-पर्याप्त बनाकर किया गया ताकि वे अपने स्वयं के खाद्य उत्पादन का निर्माण कर सकें और रोजगार उपलब्ध करा सकें और उनके सभी आवश्यक विकास सूचकांक मिले। समारोह को उदघाटन सत्र समेत चार सत्रों मे विभाजित किया गया था उदघाटन सत्र में जिन प्रमुख वक्ताओं के रूप में शामिल किया गया था।
वे हैं श्री आलोक रंजन के अध्यक्ष एलएमए, प्रो राजन (पदम श्री) प्रतिष्ठित प्रोफेसर इसरो, वैज्ञानिक, टेक्नोलॉजिस्ट, प्रशासक, संगठन बिल्डर और नेता, डिप्लोमेट, शैक्षणिक, लेखक और कवि, भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री सुधीर कृष्णा, मुख्य अतिथि श्री पी.के. लाहिरी, पूर्व सचिव (राजस्व) सरकार भारत और प्रोफेसर अशरफ रिज़वी निदेशक जेआईएमएल। दूसरे सत्र में श्रीमती विनीता हरिहरन, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत और सुश्री अंजली मखीजा, निदेशक, सुदृढ़ीकरण ग्राम स्तर संस्थानों (एसवीएलआई), सेहगल फाउंडेशन ने स्मार्ट गावों के विकास पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन द्वारा प्रकाश डाला। तीसरे सत्र का विषय भौतिक, डिजिटल और सामाजिक बुनियादी ढांचे को बदलना था और इस विषय पर प्रकाश डाला एशिया और ग्लोबल इनीशिएटिव्स,डिजिटल ग्रीन के क्षेत्रीय निदेशक, श्री विनय कुमार, डॉ बी गंगायैया, सीईओ, स्मार्ट एपी फाउंडेशन और प्रोफेसर महेंद्र भंडारी निदेशक, वट्टाकुट इंस्टीट्यूट यूरेनोलॉजी, हेनरी फोर्ड हॉस्पिटल सिस्टम, डेट्रोइट-एमआई 48202, यूएसए ने।
समारोह के चौथे और अंतिम सत्र का विषय "कृषि सुधार और कृषि व्यवसाय और कौशल विकास को बढ़ावा देना" पर जिन वक्ताओं ने प्रकाश डाला उनमे शामिल थे श्री विकास सिंह के चीफ ऑफ स्टाफ, चीफ प्रोग्राम मैनेजमेंट ऑफिसर एपी ग्लोबेल (एपीजी), अरविंद गुप्ता,चीफ मैनेजर डीसीएफ एडवाइजरी सर्विसेज और श्री जयंत कृष्णा कार्यकारी निदेशक और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
Published on:
26 Nov 2017 10:11 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
