
SP Hoarding
लखनऊ। Samajwadi Party के राज्य सम्मलेन के लिए सपाइयों ने समाजवादी पार्टी कार्यलय के साथ आधे शहर को होर्डिंग बैनर से सजाया था। लेकिन उनके कार्यकर्तओं को झटका तब लगा जब ठीक दोपहर 12 बजे कालिदास मार्ग चौराह पर लगी समाजवादी पार्टी की होर्डिंग फर्श पर आ गयीं। इधर Akhilesh Yadav सम्मलेन में पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे तो दूसरी ओर Lucknow Muncipal Copration का अमला होर्डिंग नोच रहा था। जानकारों की माने तो अक्सर ऐसा देखने को नहीं मिलता कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान ही कार्यक्रम सम्बंधित होर्डिंग हटा दी जाएं।
21,22 और 23 सितम्बर की ली थी अनुमति (Samajwadi Party Hoarding Permission)
समाजवादी पार्टी की ओर से 21,22 और 23 सितम्बर के दोपहर 12 बजे तक Nagar Nigam से होर्डिंग लगाने की अनुमति ली गयी थी। सपा की ओर से ये अनुमति 483 होर्डिंग और 256 यूनिपोल के लिए ली गयी थी। लेकिन प्रचार विभाग के अनुसार 1 हज़ार से अधिक की संख्या में ये पोस्टर और होर्डिंग लगाई गयीं थी। इसी के साथ प्रतिबंधित प्रचार सामिग्री (पॉलिथीन) का प्रयोग भी चौराहों पर किया गया था।
इन स्थानों से हटाई जा रही हैं होर्डिंग
दोपहर 12 बजते ही निगम का प्रवर्तन दस्ता शहर के अलग अलग दस्ता एक्टिव हो गया। वीआईपी रोड, विक्रमादित्य मार्ग, कालिदास मार्ग, लोहिया पथ से होर्डिंग और पोस्टर हटाने का अभियान शुरू हो गया।
विधायक आये,रुके और खिसके
कालिदास मार्ग चौराह पर चल रहे अभियान के दौरान ही सपा के एक विधायक भी मौके पर पहुँच गए। होर्डिंग गिरता देख गाडी धीमी की और मौजूद निगम कर्मचारियों से जानकारी लेना चाही। लेकिन कैमरा देख विधायक जी बिना कुछ बोले ही निकल लिए।
प्रचार प्रभारी अशोक सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से प्रचार के लिए दोपहर 12 बजे तक की अनुमति ली गयी थी। अभियान 12 बजे के बाद चलाया गया है। वीआईपी मार्गों पर हो रही ट्रैफिक समस्याओं के मद्देनज़र ये अभियान चलाया गया है।
Updated on:
23 Sept 2017 02:55 pm
Published on:
23 Sept 2017 02:02 pm
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