
लखनऊ. केंद्र और राज्यों की भाजपा व गैर कांग्रेसी सरकारों के प्रति लोगों में बढ़ रही निराशा कांग्रेस को उत्साहित कर रही है। हाल के कुछ सर्वे और चुनावी डाटा के विश्लेषण से 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 140 सीटों पर जीत के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे ही एक सर्वे के आधार पर पार्टी दिल्ली की 7 में से 5 लोकसभा सीटों पर अपनी जीत देख रही है। कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ा डाटा बैंक जुटाकर उसका विश्लेषण शुरू किया है। इसके साथ ही पार्टी हाल के दिनों में कई राज्यों में आंतरिक सर्वे करवा चुकी है।
कांग्रेस धीरे-धीरे अपना वोट प्रतिशत बढ़ा रही
डाटा के अनुसार कि कांग्रेस धीरे-धीरे अपना वोट प्रतिशत बढ़ा रही है। यही ट्रेंड बना रहा तो आने वाले चुनाव में पार्टी 140 सीटें जीत सकती है। डाटा विशेषक मान रहे हैं कि जो ट्रेंड दिख रहा है, उसके अनुसार 2019 में भाजपा घटकर 160 सीटों तक सिमट सकती है और कांग्रेस की सीटें बढ़ कर 140 तक पहुंच सकती है। विपक्षी गठबंधन को लेकर भी डाटा का विशेषण में अलग बात सामने आई है कि कांग्रेस बड़े पार्टनर के तौर पर कुछ दलों के साथ रणनीतिक रूप से गठबंधन करके एनडीए का सामना करे तो भी उसे 120 सीट मिलने की संभावना हो सकती है।
महागठबंधन बनाने की कवायद को झटका
इसके साथ ही यूपी में महागठबंधन बनाने की कवायद को झटका लगता दिख रहा है। 2019 में बीजेपी के खिलाफ मोर्चा बनाने में लगी समाजवादी पार्टी (एसपी) ने संकेत दिया है कि वह महागठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने की इच्छुक नहीं है। सूत्रों के अनुसार बताया गया है कि सपा कांग्रेस को केवल रायबरेली और अमेठी की सीट देना चाहती है। इसके अलावा और कोई सीट नहीं देना चाहती है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मसले पर वह कई विपक्षी दलों से मिलकर बात कर सकते हैं। ये भी बताया जा रहा है कि सपा रायबरेली और अमेठी में गांधी परिवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारना चाहती है।
अमेठी, रायबरेली सीट कांग्रेस को देना चाहती सपा
लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी सिर्फ अमेठी और रायबरेली सीट ही कांग्रेस को देना चाहती है। सपा इससे एक भी सीट ज्यादा कांग्रेस को नहीं देना चाहती है। इस बाबत सपा कांग्रेस को प्रस्ताव भी देने की योजना बना रही है। सपा के सूत्रों का कहना है कि इस बार पार्टी यूपी में त्रिकोणीय मुकाबला करना चाहती है और महागठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने के लिए बिल्कुल भी इच्छुक नहीं है।
नेताओं ने दिए ये तर्क
सपा एमएलसी उदवीर सिंह ने इस मामले में कहा है कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। उदवीर सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफी करीबी माना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि एक परंपरा के रूप में, सपा ने अमेठी में राहुल गांधी और रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ अभी तक कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है और न ही उतारेगी। अभी भी इस परंपरा को तोड़ने का कोई कारण नहीं है। इसके साथ ही सपा नेताओं का कहना है कि पार्टी बीएसपी, आरएलडी और अन्य छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटी है।
Updated on:
20 Jun 2018 12:00 pm
Published on:
19 Jun 2018 01:25 pm
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