
योगी सरकार में महिला अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा छोड़ने को मजबूर
लखनऊ. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जा रही माध्यमिक शिक्षा विभाग की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 29 जुलाई को प्रदेश भर में होगी। परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर अभ्यर्थी सवाल खड़े कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है की उनका परीक्षा केंद्र उनके गृह जनपद से किसी का 500 किमी तो किसी का 600 किलोमीटर दूर तक कर दिया गया है। ऐसे में परीक्षार्थियों को वहां पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा। परेशानी के चलते महिला अभ्यर्थी परीक्षा छोड़ने को मजबूर हो रही हैं।
जानें क्या बोले अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन अभ्यर्थी का घर गोंडा, बस्ती, बहराइच, गोरखपुर में है, उनकी परीक्षा केंद्र मेरठ कर दिया गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा देने जाने के लिए ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही। पुरुष अभ्यर्थी तो किसी तरह जा सकते हैं लेकिन महिला अभ्यर्थियों के समक्ष पूरब से पश्चिम की यात्रा किसी काफी मुश्किलों भरा लग रहा है। महिला अभ्यर्थी यदि बस का सफर करती हैं तो उनको दो दिन पहले घर से निकलना पड़ेगा। उनके साथ कोई परिवारीजन को भी जाना पड़ेगा। इस प्रकार से एक अभ्यर्थी को करीब चार से पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
जानें क्या है मांग
अभ्यर्थियों की डिमांड है कि केंद्र का निर्धारण पुनः किया जाए। संशोधित करके और गृह जनपद के आसपास जिलों में ही उनका परीक्षा केंद्र हो ताकि वह अकेले भी परीक्षा देने के लिए जा सकें। गोंडा की निशा कहती हैं कि उन्होंने ग्रह विज्ञान विभाग के रिक्त पदों के लिये आवेदन किया है। उनका परीक्षा केंद्र मेरठ है। उनके परिवार में कोई उन्हें ले जाने वाला नहीं है। वह अकेले जा नहीं सकती क्योंकि ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा। बस का किराया काफी महंगा है। दो लोगों पर ज्यादा खर्च आ रहा है जोकि मेरी पहुंच से दूर है। ऐसे में मुझे डर है कि मै परीक्षा देने जा पाऊंगी या नहीं। सरकार को कुछ करना चाहिए।
Updated on:
24 Jul 2018 05:31 pm
Published on:
24 Jul 2018 03:09 pm
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