
लविवि के सार्थक सिन्हा को भारत-बोत्सवाना संवाद में किया गया सम्मानित
लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय से मास्टर इन ट्रैवल एंड टूरिज्म के छात्र सार्थक प्रकाश सिन्हा को दिल्ली में आयोजित हुई भारत-बोत्सवाना कांफ्रेस में सम्मानित किया गया। यह सेमिनार मंगलवार 11 सितम्बर को दिल्ली में आयोजित हुआ था। इसमें ''भारत एक मृदु शक्ति (सॉफ्ट पावर) - व युवा शक्ति किस प्रकार से इसमें सुधार कर सकती है'' के विषय पर चर्चा हुई जिसमें 500 से ज्यादा लोगों ने अपने विचार भेजे। इसमें से 60 लोगों का चयन हुआ था, जिसमें नवाबों की नगरी के सार्थक सिन्हा का नाम शामिल हैं।
युवा-टू-यूथ कनेक्ट का आधार
सार्थक ने बताया कि भारत-बोत्सवाना युवा वार्ता में बोत्सवाना और भारत के बीच बढ़ते संबंधों पर बोत्सवाना और राजनियकों के उच्चायुक्त के साथ बातचीत हुई। इसके साथ ही इस विषय पर भी चर्चा हुई कि कैसे भारत और बोत्सवाना टेक्नोलॉजी व अन्य चीजों के माध्यम से एक दूसरे की मदद कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आज इंडिया टेक्नोलॉजी के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। लेकिन बोत्सवाना के पास टेक्नोलॉजी से ज्यादा मिनरल्स, कोल, माइन्स है। एक्सचेंज प्रोग्राम में इन बातों का जिक्र किया गया कि कैसे भारत और बोत्सवाना एक दूसरे की मदद इस तरह के सहयोग से कर सकते हैं। यह कांफ्रेंस दोनों देशों के बीच एक मजबूत युवा-टू-यूथ कनेक्ट का आधार है।
बोत्सवाना कार्यालय में आने का मिला मौका
इस के साथ ही सार्थक ने यह भी बताया कि इस कांफ्रेंस में बोत्सवाना हाई कमिश्नर हरलोक सी ल्यूक के सामने विचार प्रस्तुत करने का मौका मिला। यहां औपचारिक व अनऔपचारिक तरीके से विचार प्रस्तुत किए गए। सार्थक ने भारत को बोत्सवाना को टेक्नोलॉजी देकर व उन्से माइन्स, कोल्स, मिनरल्स जैसी चीजों को लेकर अपनी-अपनी कंट्रीज को स्ट्रॉंग बनाने की बात कही। उनके विचारों से प्रस्तुत होकर बोत्सवाना कमिश्नर ने उन्हें बोत्सवाना कार्यालय आने का मौका दिया है।
सार्थक ने अपनी उपलब्धि के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राकेश द्विवेदी, नेशनल पीजी कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. नीरजा सिंह और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीके सिंह, हर्षिता खान व आजका खान को उनकी जर्नी में सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद दिया।
Published on:
17 Sept 2018 12:32 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
