केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ को तोहफा, यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फोरेंसिक साइंसेज का किया शिलान्यास

- अमित शाह ने सीएम योगी और उनके मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों के साथ किया भूमि पूजन
- 2024 तक विभिन्न राज्यों में कई फॉरेंसिक साइंस कॉलेज खोले जाएंगे : अमित शाह
- सरोजनीनगर में 50 एकड़ भूमि बनेगा इंस्टीट्यूट खर्च होंगे करीब 200 करोड़

By: Sanjay Kumar Srivastava

Published: 01 Aug 2021, 01:05 PM IST

लखनऊ. lay the foundation stones of UP Institute of Forensic Sciences केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को यूपी की राजधानी लखनऊ को एक बड़ा तोहफा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए शिलान्यास किया। इस अवसर पर अमित शाह ने सीएम योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों के साथ भूमि पूजन भी किया।

2024 तक कई राज्यों में फॉरेंसिक साइंस कॉलेज :- स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के शिलान्यास समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहाकि, यह इंस्टीट्यूट छात्रों का कैरियर बनाएगा। साथ ही 2024 तक विभिन्न राज्यों में कई फॉरेंसिक साइंस कॉलेज खोले जाएंगे।

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देश का सबसे आधुनिक फारेंसिक इंस्टीट्यूट :- उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि, आपराधिक मामलों के जल्द निस्तारण के लिए यूपी स्टेट फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट एक मील का पत्थर साबित होगा। यह देश का सबसे आधुनिक फारेंसिक इंस्टीट्यूट होगा। इससे जटिल अपराधों की जांच में आसानी होगी। यह इंस्टीट्यूट यूपी पुलिसिंग के विभिन्न नए आयाम स्थापित करेगा।

उच्च स्तर की होगी पढ़ाई :- प्रवक्ता ने बताया कि यूपी स्टेट फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट सूबे के युवाओं को शिक्षा व रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा। इंस्टीट्यूट में भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, बिहेवियरल साइंस, अपराध शास्त्र, विधि, पुलिस विज्ञान व पुलिस प्रशासन विषयों पर विभिन्न कोर्स होंगे। बीएससी, एमएससी फोरेंसिक साइंस, एमफिल, पीएचडी, पोस्ट डाक्टोरल रिसर्च, पीजी डिप्लोमा इन फोरेंसिक साइंस, एडवांस स्पेशलाइज्ड एंड टेलरमेड पीजी डिप्लोमा व अन्य पीजी सर्टिफिकेट के कोर्स प्रस्तावित हैं।

इंस्टीट्यूट में प्रतिवर्ष 500 छात्र ग्रहण करेंगे शिक्षा :- इस इंस्टीट्यूट में प्रतिवर्ष करीब 500 छात्र शिक्षा ग्रहण करेंगे। होंगे। इंस्टीट्यूट में कुल आठ अनुभाग व 14 प्रयोगशालाएं होंगी। इनमें भौतिक अनुभाग में आग्नेयास्त्र, फोरेंसिक ध्वनिकी व प्रलेख प्रयोगशालाएं होंगी। रसायन अनुभाग में विस्फोटक व विष विज्ञान प्रयोगशालाएं होंगी। जीव विज्ञान अनुभाग में जीव विज्ञान, सीरम विज्ञान व डीएनए प्रयोगशालाएं होंगी। कंप्यूटर साइंस अनुभाग में डेटा एनालिसिस, साइबर सुरक्षा व साइबर फोरेंसिक लैब होंगी। व्यवहार विभाग अनुभाग में लाई डिटेक्शन, नार्को एनालिसिस व ब्रेन मैपिंग प्रयोगशालाएं होंगी। इसके अलावा अपराध विज्ञान, कानून-व्यवस्था, पुलिस विज्ञान व प्रशासन अनुभाग होंगे।

200 करोड़ रुपए में बनेगा इंस्टीट्यूट :- प्रवक्ता ने बताया कि राजधानी के सरोजनीनगर में 50 एकड़ भूमि में इस इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब 200 करोड़ खर्च होंगे। गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय न्यायालय विज्ञान विश्वविद्यालय के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार डीएनए की स्थापना की जाएगी। संस्थान में निदेशक के रूप में एडीजी रैंक व अन्य अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

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