
अपना दल (एस) और अपना दल (कमेरावादी) को एक करने की कोशिशें तेज, अनुप्रिया पटेल दिए मां को कई प्रस्ताव
लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए अब वक्त कम है। यूपी की सभी छोटी बड़ी पार्टियां चुनाव 2022 में विजय प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार की रणनीतियां अपना रहीं हैं। वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए अपना दल (एस), अपना दल (कमेरावादी) का अपनी पार्टी के अंदर विलय कराने की कोशिश कर रही है। इसके लिए अपना दल (एस) राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने अपनी मां को कई लुभावने प्रस्ताव भेजे हैं। जिनमें मां को एमएलसी या मंत्री और करीब तीन विधानसभा सीटें अपना दल (कमेरावादी) के समर्थकों को देने की पेशकश की गई है। अपना दल (कमेरावादी) राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव मिलने से इनकार किया है। साथ ही यह भी कहा है कि, अगर प्रस्ताव आया तो उसका अस्वीकार करना तय है।
अपना दल एकजुट करने की कोशिशें :- विधानसभा चुनाव 2022 की आहट को देखकर अनुप्रिया पटेल परिवार को एकजुट करना चाहतीं हैं। जिससे वोटों का जो बिखराव है वह एक जगह पर स्थिर हो जाए। इसलिए अपना दल के दोनों घटकों का एक होना जरुरी है। इसलिए अपना दल (एस) सुप्रीमो अनुप्रिया पटेल ने अपनी मां व अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल को तीन प्रस्ताव दिए हैं।
ये हैं प्रस्ताव :- इनमें से एक प्रस्ताव कृष्णा पटेल मंत्रिमंडल विस्तार में अद (एस) कोटे से मंत्री बनें। दूसरा प्रस्ताव आशीष पटेल विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा दें और कृष्णा पटेल उनकी जगह एमएलसी बनें। एमएलसी के तौर पर आशीष का कार्यकाल मई 2024 तक है। तीसरा प्रस्ताव आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देकर जितवाने और उनके समर्थकों को भी दो-तीन सीटें देने की पेशकश की है।
तुरंत दे देंगे इस्तीफा :- सूत्रों के अनुसार अनुप्रिया पटेल ने प्रस्ताव में यह भी लिखा है कि, पार्टी का आजीवन संरक्षक या राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा। चुनाव बाद सरकार बनने पर अपना दल (एस) कोटे से मंत्री बन सकतीं हैं। अनुप्रिया पटेल के पति आशीष ने कहा कि अगर वो एमएलसी की इच्छा रखती हैं तो वह तत्काल विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।
सबसे बड़ी बाधा है बहन :- अपना दल परिवार में फिर से एका होने से पार्टी जहां मजबूत हो जाएगी वहीं चुनाव 2022 में उनकी ताकत और बढ़ जाएगी। पर दूसरा पक्ष की रजामंदी इस पर काफी मुश्किल दिख रही है। क्योंकि इस कोशिश में सबसे बड़ी बाधा अनुप्रिया पटेल की बड़ी बहन पल्लवी पटेल हैं, कृष्णा पटेल के साथ हैं। प्रस्ताव में साफ-साफ जिक्र है कि, अपना दल (एस) में पल्लवी और उनके पति के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
Updated on:
11 Sept 2021 10:51 am
Published on:
11 Sept 2021 10:46 am

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