25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Lucknow Building Collapse: अधूरा रह गया बच्चों से किया वादा…हादसे में मृत रामकिशोर की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें 

उत्तर प्रदेश के ट्रांसपोर्टनगर में तीन मंजिला मकान गिरने से हरदोई निवासी रामकिशोर की मौत हो गई। बारिश से बचने के लिए वह इमारत के नीचे खड़ा था लेकिन कुछ देर बाद ही इमारत ढ़ह गई और रामकिशोर का साथ अपने बच्चों से हमेशा के लिए छूट गया।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Swati Tiwari

Sep 09, 2024

लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में बीते शनिवार को तीन मंजिला हरविलास टावर ढहने से आठ लोगों की मौत हो गई थी और 28 लोग घायल हुए थे। इस हादसे में हरदोई निवासी राम किशोर की भी मौत हो गई। घर से निकलने से पहले उन्होंने बच्चों से वादा किया था कि वह  जब लौटकर आएंगे तो उनके लिए मोमो बनाएंगे पर पिता का यह वादा हमेशा के लिए अधूरा रह गया। शव रविवार की  सुबह जब घर पहुंचा तब उसकी मां और बीबी बदहवास हो गईं। 

शनिवार को हुआ हादसा

वह बालागंज में नारायण पैथोलॉजी में ब्लड कलेक्शन करता था। वह शनिवार को छुट्टी के बावजूद आलमबाग के एक पैथोलॉजी के कलेक्शन सेंटर पर गया था। वहां से रिपोर्ट लेकर कृष्णा नगर इलाके के एक निजी अस्पताल जा रहा था। इसी बीच तेज बारिश होने लगी और इससे बचने के लिए वह उस इमारत के नीचे खड़ा हो गया लेकिन कुछ ही देर बाद वो इमारत भरभराकर ढह गई। 

बेटे को अफसर बनाना चाहते थे रामकिशोर 

रामकिशोर का बड़ा बेटा आयुष पांचवीं और छोटा बेटा पीयूष केजी में पढ़ता है। उनके पिता श्रीकिशन ने बताया, राम किशोर का सपना था कि उसके बेटे अफसर बनें। वह बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत करता था। रामकिशोर कहा करते थे कि मेरी जिंदगी तो आर्थिक तंगी में बीती, लेकिन मेरे बेटे अभाव में नहीं जिएंगे। पैथॉलजी के सहकर्मी कुंदन ने बताया कि बच्चों की स्कूल की फीस के लिए राम किशोर ओवरटाइम भी करता था।

अधूरा रह गया बच्चों से किया वादा

रामकिशोर की  13 साल की एक बेटी और एक 10 साल का बेटा है। वह उन दोनों को बाहर का खाना नहीं खाने देते थे। हफ्ते में एक दिन वह अपने हाथों से बच्चों के लिए कुछ बनाते थे। उस दिन भी उन्होंने अपने बच्चों से वादा किया था कि काम से वापस लौटने के बाद वह उन्हें मोमोज खिलाएंगे। शनिवार को ट्रांसपोर्ट नगर में दवा कंपनी का सामान लोड करने गए थे। हादसे की सूचना मिलने पर परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंचें लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो गया था।  पोस्टमार्टम के बाद रविवार को जसमीत का शव घर ले जाया गया।  दोपहर बाद परिवारजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।