
chikankari
लखनऊ. वैसे तो राजधानी लखनऊ अपनी खूबसूरती अौर विभिन्न एेतिहासिक इमारतों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन यहां कि चिकनकारी देश के साथ- साथ विदेशियों को भी खूब लुभा रही है। अगर आप लखनऊ आए तो यहां कि अमीनाबाद मार्केट जरूर घूमे, जो चिकन के कपड़ों के लिए काफी मशहूर है।
ग्लोबल मैप पर लखनऊ की पहचान
लखनऊ के चिकनकारी की बात करें तो यह मुगलकाल से लेकर अब तक चिकनकारी ग्लोबल मैप पर लखनऊ की पहचान रही है। चिकनकारी की ये कला सोलहवीं सदी में नूरजहां हिंदुस्तान में लेकर आई थीं।
वहीं इन दिनों बॉलीबुड व टीवी सीरियल्स में भी चिकनकारी का इस्तेमाल होते कापी दिख रहा है। अनारकली सूट के साथ- साथ लॉन्ग कुर्तियों का क्रेज भी खूब देखने को मिल रहा है। जॉर्जेट, रेशम और चंदेरी सिल्क का काम काफी पसंद किया जा रहा है। व्यापारी विकास सिंह बताते हैं कि चिकन के सूटों की कीमत ज्यादा होती है, क्योंकि इससे बनाने में काफी मेहनत होती है। मार्केट में चिकन के सूटों की कीमत आपको 700 रुपये से लेकर 3500 रुपये की रेंज में और लॉन्ग कुर्तियां 250 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक में मिल जाएंगे।
नए डिजाइन आ रहे है मार्केट में
चिकन कारोबारी नए-नए डिजाइन लेकर बाजार में उतर रहे हैं। कपड़े ही नहीं बल्कि बैग, पर्स और जूतियों भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। लखनऊ आने वाले कोई भी शख्स चिकन के सामान की खरीदारी करना नहीं भूलता।
छपाई के लिए लकड़ी या लोहे के सांचे का इस्तेमाल
चिकन के कपड़ों के व्यापारी कैलाश बताते हैं कि चिकन के कपड़े लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया बहुत लंबी है। इसे तैयार करने के लिए काफी लंबा समय लगता है। सबसे पहले कपड़े का चयन होता है जोकि आमतौर पर मसलिन, मलमल या फिर सिल्क के होते हैं, फिर उन पर छपाई का काम किया जाता है। छपाई के लिए लकड़ी या लोहे के सांचे का इस्तेमाल किया जाता है जिस पर फूल, पत्ती, गोंटे या बूटेदार डिजाइन बनी होती है।
Published on:
05 Oct 2017 04:11 pm
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