13 अप्रैल को विजय कुमार ने किराए की कार ली। बहाने से बेटी को झाड़-फूंक के लिए बाराबंकी ले गया। रास्ते में ढाबे पर रुके। 14 अप्रैल को बाराबंकी के बड्डूपुर इलाके में शारदा नहर के पास कुर्सी रोड पर पहुंचे। कार में सो रही वंदना का दोनों ने गला दबाकर हत्या कर दी। लड़की ने काफी विरोध किया, लेकिन दोनों ने तब तक गला नहीं छोड़ा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। हत्या के बाद शव को नहर में फेंकने की कोशिश की, लेकिन आसपास लोगों की आवाजाही देख डर गए। पहचान मिटाने के लिए वंदना के चेहरे पर तेजाब डाल दिया। फिर शव को सड़क किनारे फेंककर भाग गए।