
योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी हिंदू युवा वाहिनी (भारत) के अध्यक्ष क्यों रुठे, सुनील सिंह का परिचय जानिए
लखनऊ. हिंदू युवा वाहिनी (भारत) के अध्यक्ष सुनील सिंह अपनी पार्टी संग समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव के हमराह हो गए। सुनील सिंह एक वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबियों में शुमार रहे हैं। योगी के साथ हिंदुत्व का परचम लहराने की सुनील सिंह ने कसम खा रखी थी। पर ऐसा क्या हुआ कि इन दोनों के बीच की दूरियां बढ़ने लगी और दोनों अब एक दूसरे की शक्ल भी नहीं देखना चाहते हैं। मजबूर होकर सुनील सिंह ने अपना नया साथी ढूंढ़ लिया और साइकिल पर बैठ गए।
गोरखपुर की खजनी तहसील के अहमदपुर गांव निवासी सुनील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई 2018 में रासुका के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह पर 70 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पंचरूखिया कांड, मोहन मुंडेरा कांड, मऊ दंगा सहित कई घटनाओं के बाद संघटन का कद बढ़ता गया। बाद में बगावत कर के सुनील सिंह ने हिंदू युवा वाहिनी (भारत) का गठन कर लिया।
हिंदू युवा वाहिनी से बगावत के मूल में लोकसभा टिकट बंटवारा था। सुनील सिंह टिकट के एक मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। पर उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिल सका। इसके बाद भाजपा के खिलाफ पूरी तरह बगावत पर उतरे सुनील ने लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। यह बात अलग है कि उनका पर्चा खारिज हो गया और वे चुनाव नहीं लड़ सके थे। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ आवाज बुलंद करने के कारण योगी आदित्यनाथ ने उनसे किनारा कर लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में रामनवमी के दिन हिंदू युवा वाहिनी सेना का गठन किया था।
Updated on:
18 Jan 2020 02:16 pm
Published on:
18 Jan 2020 02:04 pm
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