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Lucknow Kanpur Expressway : 35 से 40 मिनट में पूरा होगा लखनऊ से कानपुर का सफर, चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी

Lucknow Kanpur Expressway : लखनऊ से कानपुर की दूरी अब 2-3 घंटे के बजाय मात्र 35-40 मिनट में पूरी हो जाएगी। लखनऊ से कानपुर तक बने एक्सप्रेस-वे पर अगले माह से वाहन फर्राटा भरेंगे।

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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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जयप्रकाश सिंह

Mar 20, 2026

अगले महीने शुरू होगा लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाला हाईटेक एक्सप्रेस-वे, PC- Patrika

लखनऊ। लखनऊ- कानपुर के बीच करीब चार हजार करोड़ की लागत से तैयार छह लेन का एक्सप्रेस वे न केवल दोनों शहरों के बीच दूरी कम करेगा, बल्कि लोगों का कीमती समय भी बचाएगा। यह एक्सप्रेस वे अगले माह शुरू हो जाएगा। अब दोनों शहरों के बीच लोग 35 से 40 मिनट के बीच यात्रा पूरी कर सकेंगे। अभी इस मार्ग पर लोगों को दो से तीन घंटे का समय लग रहा है।

यह हाइवे प्रदेश में स्मार्ट हाइवे मैनेजमेंट का नया मॉडल बनने जा रहा है। आमतौर पर एक्सप्रेस वे की चर्चा उसकी लंबाई, लागत और समय सीमा तक सीमित रहती है, लेकिन इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम [एटीएमएस] है, जो इसे अन्य एक्सप्रेस वे से अलग पहचान देगा। राजस्थान से आए पत्रकारों के दल ने शुक्रवार को लखनऊ से कानपुर के बीच बने इस हाइवे का अवलोकन किया। इसके मैनेजमेंट सिस्टम को समझा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर एटीएमएस से होगी स्मार्ट निगरानी

एनएचआइए लखनऊ के परियोजना निदेशक नवल प्रकाश वर्मा ने बताया कि इस एक्सप्रेस वे पर 63 पीटीजेड, 21 इंटरचेंज और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम कैमरे न सिर्फ निगरानी करेंगे बल्कि ट्रैफिक की हर गतिविधि को समझकर तत्काल जानकारी भी देंगे। यानी दुर्घटना,जाम या किसी असामान्य गतिविधि की स्थिति में कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। हाइवे पर बनाए दो हाइटेक कंट्रोल रूम से पूरे कॉरिडोर की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी।

यह सिस्टम भविष्य में एआई आधारित ट्रैफिक कंट्रोल की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा। अभी तक प्रदेश के अन्य हाइवे पर इस स्तर पर लागू नहीं हुआ है। यह परियोजना भारतमाला के तहत हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर तैयार हुई है।

तीन साल में निर्माण पूरा

इस हाइवे का निर्माण कार्य फरवरी 2023 में शुरू हुआ था। इसका कार्य इस माह के अन्त तक पूरा हो जाएगा। अगले माह लोकार्पण के बाद इसके शुरू होने की पूरी उम्मीद है। वर्मा के अनुसार 62.764 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे की असली ताकत सिर्फ उसकी चौड़ाई नहीं बल्कि उसके नीचे और ऊपर बने जटिल स्ट्रक्चर हैं। परियोजना में 11 वाहन, 13 हल्के वाहन और 11 पैदल अंडरपास बनाए गए हैं। इसके अलावा 9.59 किमी लंबा फ्लाइओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज और 4 बड़े पुल भी तैयार किए गए हैं। यह इस तरह डिजाइन किया गया है कि स्थानीय यातायात और एक्सप्रेस ट्रैफिक एक दूसरे को प्रभावित किए बिना सुचारु रूप से चल सकें।