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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. Chief Minister Yogi Adityanath यूपी की लगभग सभी पार्टियों को स्मारक और स्मृति स्थल बनाने का शौक रहा है। पर जब तक सरकार रहती है तो इनका जलवा बरकरार रहता है। और जैसे ही सरकार चली जाती है तो इन स्मारकों और स्मृति स्थलों पर सिर्फ चील-कौवे बैठते है और अपनी बीट से एक अलग किस्म की चित्रकारी करते रहते हैं। पर अब यूपी में बनाए गए स्मारकों, स्मृति स्थलों की बेकदरी नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए सभी महापुरुषों के स्मारकों और स्मृति स्थलों की बेहतर साफ-सफाई और प्रबन्धन के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह काम सरकार चरणवार ढंग से पूरे सूबे में कराएगी। लखनऊ जिला प्रशासन का पूरा अमला आज कांशीराम पार्क की सफाई कर रहा है।
निर्देश का पहला चरण :- सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले चरण में महात्मा गांधी, डा. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, चंद्रशेखर आजाद, महाराजा सुहेलदेव, ऊदादेवी, अवंतीबाई, दीनदयाल उपाध्याय, महाराणा प्रताप, रामप्रसाद बिस्मिल समेत दो दर्जन से अधिक महापुरुषों के स्मारकों को संवारने को कहा है। स्मारकों की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त करने के साथ ही रंग-रोगन भी कराया जाएगा।
पहले बनवाई मूर्तियां फिर तैनात किए सुरक्षा गार्ड :- सूबे में स्मारक न सिर्फ आस्था, श्रद्धा, सम्मान बल्कि राजनीति का भी केंद्र हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती का स्मारक और मूर्ति प्रेम जगजाहिर है। बसपा सुप्रीमो ने तो पहले स्मारक और मूर्तियां बनवाई फिर इनके लिए सुरक्षा बल की भी नियुक्ती की। राज्य विशेष परिक्षेत्र सुरक्षा बल के जिम्मे लखनऊ व नोएडा के दस स्मारकों अंबेडकर स्थल, कांशीराम स्मारक, रमाबाई अंबेडकर मैदान, स्मृति उपवन, बुद्ध विहार, कांशीराम मेमोरियल, कांशीराम सांस्कृतिक स्थल, कांशीराम ग्रीन इको गार्डन, आंबेडकर स्मारक और नोएडा के पार्क दिए गए। मार्च 2020 में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी यूपीएसएसएफ यानी उत्तर प्रदेश सुरक्षा बल बनाया, जिसका एक कार्य स्मारकों व स्मृति स्थलों की सुरक्षा का काम भी था।
दुर्दशा के लिए सिर्फ भाजपा जिम्मेदार :- समाजवादी पार्टी ने भी अपने शासनकाल में अपने आइकॉन नेताओं राम मनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र की याद में पार्क बनवाए हैं। साथ ही गोमती रिवरफ्रंट का भी निर्माण कराया है। इसी साल मार्च माह में समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र पार्क व लोहिया पार्क की दुर्दशा पर भाजपा सरकार को घेरा था और कहाकि, दुर्दशा के लिए सिर्फ भाजपा जिम्मेदार है।
भाजपा का मूर्तिप्रेम :- भाजपा का मूर्तिप्रेम भी किसी से छुपा नहीं है। किसान पार्क, चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल संग्रहालय, लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा, फिर डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक सांस्कृतिक स्थल स्थापना की घोषणा इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। अपने-अपने बनाए स्मारकों और स्मृति स्थलों की दुर्दशा को लेकर सम्बंधित पार्टी के नेता लगातार योगी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। विपक्षी पार्टियों को इस बहाने अपने वोट बैंक को लुभाने का मौका न देने और चुनावी मौसम को भांपते हुए योगी सरकार ने यह एक बड़ा निर्णय लिया। इसके तहत सूबे के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से स्मारकों और स्मृति स्थलों को संवारा जाएगा।
Published on:
10 Jul 2021 05:14 pm

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