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घाटे में चल रही मेट्रो, क्षमता के अनुसार नहीं मिल रहे यात्री

- लखनऊ मेट्रो इस वक्त घाटे में चल रही है। वित्तीय वर्ष दो हजार सत्रह-अट्ठारह में लखनऊ मेट्रो को 25.38 करोड़ का घाटा हुआ। - घाटे की वजह आय कम और खर्च अधिक होना बताया गया है।

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लखनऊ

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Akansha Singh

Jul 20, 2019

lucknow

घाटे में चल रही मेट्रों, क्षमता के अनुसार नहीं मिल रहे यात्री

लखनऊ. लखनऊ मेट्रो इस वक्त घाटे में चल रही है। वित्तीय वर्ष दो हजार सत्रह-अट्ठारह में लखनऊ मेट्रो को 25.38 करोड़ का घाटा हुआ। घाटे की वजह आय कम और खर्च अधिक होना बताया गया है। इस वर्ष घाटे की और बढ़ने की आशंका है। विधानसभा में मेट्रो की रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट वर्ष 2016-17 और 2017-18 की एक साथ जारी हुई है। ऑडिट रिपोर्ट में एलएमआरसी की बैलेंस शीट भी है। इसमें घाटे का पूरा उल्लेख है। वर्ष 2017 में लखनऊ मेट्रो को 19.45 करोड़ का घाटा हुआ था लेकिन इसके अगले वित्तीय वर्ष में यह घाटा 5.93 करोड़ से बढ़कर 25.38 करोड़ हो गया। एलएमआरसी में मेट्रो के निर्माण के लिए केंद्र व राज्य सरकार से मिली रकम को बैंक में एफडी करा रखा है। इसी से उसे ब्याज मिला था। अब यह रकम निर्माण कार्यों पर खर्च हो चुकी है। ऐसे में चालू वित्तीय वर्ष में एलएमआरसी की एफडी की आय नाम मात्र ही होगी। इससे चालू वित्तीय वर्ष में नुकसान बढ़ने की आशंका है। वहीं मेट्रो को उसकी क्षमता के अनुसार यात्री नहीं मिल रहे हैं। पीक टाइम में भी मेट्रो में उसकी क्षमता के करीब 40% यात्री कम मिल रहे हैं। सीएजी ने एलएमआरसी को क्लीन चिट दी है।