नगर निगम को मिला अमीर भिखारी, पुरानी कर्रेंसी समेत 40 हज़ार का था मालिक
भिखारी के पास मिली इतनी रकम कैसे आयी ये सवाल सबके ज़ेहन में उठने लगे। रकम में पुरानी कर्रेंसी भी मौजूद थी। अधिकतर नोट तो 100 के थे लेकिन पुराने 500 और 1000 के नोट भी शामिल थे।
लखनऊ। भाजपा के प्रबुद्ध सम्मलेन में राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह समेत मुख्यमंत्री योगी नाथ भी शामिल हुए। वीआईपी मूवमेंट के चलते नगर निगम द्वारा हज़रतगंज से छत्तेवाला पुल्ल (एमजी मार्ग) से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चालाया गया। रूटीन के तौर पर चले अभियान में ट्विस्ट तब आया जब निगम दस्ता कब्ज़े में लिया गया सामान जब्त करने पहुंचा। अभियान में जब्त हुए सामान में थी रकम अभियान में जब्त किया गया सामान स्टोर रूम में जब्त किया जा रहा था। घुमटी, ठेले आदि के बीच निगम कर्मचारियों के हाथ एक पॉलिथीन लगी। अभियान का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर हर्ष बहादुर ने जब पॉलिथीन खोली तो उसमें लगभग 40 हज़ार की रकम मिली। इस रकम में पुरानी कर्रेंसी भी मौजूद थी। अधिकतर नोट तो 100 के थे लेकिन पुराने 500 और 1000 के नोट भी शामिल थे।
पुरानी कर्रेंसी भी शामिल
पुराने नोट की करेन्सी और रकम मिलने के बाद इसकी सूचना निगम के आलाधिकारियों को दी गयी। दस्ते ने ये ट्रेस करना शुरू किया की आखिर जिस घुमटी में से पॉलिथीन निकली है उसे कहां से उठाया गया था। परिवर्तन चौक के पास जब निगम अधिकारी पहुंचे तो उन्हें इस पॉलीथिन का मालिक मिल गया।
40 हज़ार की रकम पर भिखारी का हक़
चिंतन की स्तिथि में बैठा इस आदमी का नाम राजेंद्र था। स्थानीय लोग उसे सरदार जी के नाम से बुलाते थे। स्थानियों ने बताया कि कुछ समय पहले तक राजेंद्र साइकिल का पंचर बनाता था। कुछ समय पहल उसके हाथ ने ठीक से काम करना बंद कर दिया और उसकी मानसिक स्थिति भी बिगड़ गयी। अब वे भीख मांग कर अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। हालांकि भिखारी के पास मिली इतनी रकम कैसे आयी ये सवाल सबके ज़ेहन में उठने लगे।
जोनल अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान जब्त हुए सामान में राजेंद्र की एक पॉलीथिन मिली थी। उसमें नयी पुरानी कर्रेंसी के लगभग 40 हज़ार रूपए थे। ये रकम उसे वापस कर दी गयी है।