
2013-14 से 2022-23 तक गृह कर की वसूली में दिखा फर्क
नगर निगम के माध्यम से गृहकर मद में विगत दस वर्षाे में सर्वाधिक वसूली का रिकार्ड स्थापित किया। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर नगर निगम ने 341.36 करोड़ रूपये राजस्व वसूली हुई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में गत वर्ष के सापेक्ष लगभग रु. 51.28 करोड़ की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गृहकर वसूली में हो रहा सुधार: इन्द्रजीत सिंह
नगर निगम का सामान्य कर (गृह कर) राजस्व आय का मुख्य और महत्वपूर्ण स्रोत है। गृहकर से संबंधित कंप्यूटरीकरण, नागरिकों की सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर सुधार किया जाता रहा है। वर्तमान में गृह करदाताओं के लिए बकाया गृहकर का एस.एम.एस. अलर्ट, मोबाइल पर भुगतान लिंक सहित ई-बिल ,पेटीएम एप , यू.पी.आई. के माध्यम से कर भुगतान डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है।
2013-14 से 2022-23 तक गृह कर की वसूली में दिखा फर्क
2013-14 में 107.98 करोड रूपये, 2014-15 में 130.14 करोड़ रूपये, 2015-16 में 150.44 करोड़ रूपये, 2016-17 में 192.26 करोड़ रूपये, 2017-18 में 177.02 करोड़ रूपये, 2018-19 में 234.16 करोड़ रूपये, 2019-20 में 208.21 करोड़ रूपये, 2020-21 में 270.84 करोड़ रूपये, 2021-22 में 290.08 करोड़ रूपये और 2022-23 में 341.36 करोड रूपये की वसूली हुई। वित्तीय वर्ष 2022-23 में लखनऊ नगर निगम के माध्यम से 5,39,107 आवासीय व 69,567 अनावासीय भवन मिलाकर कुल 6,08,674 भवन के सापेक्ष कुल 3,65,667 भवनो से भुगतान प्राप्त किया गया जो गत वर्ष में भुगतान प्राप्त भवन संख्या 3,15,290 के सापेक्ष 50,377 अधिक है।
बड़े कर्जदारों से हुई जमकर वसूली
बड़े बकायेदारो से वसूली के लिए प्रतिष्ठानो, भवनो को सील करने का अभियान भी चलाया गया जिसमें लगभग 6197 भवन सील किए गए. जिससे काफी अधिक लंबित धनराशि मौके पर वसूल करने में सहायता मिली। यही नहीं डिजिटल माध्यमों के प्रयोग में 16.37 प्रतिशत की वृद्धि एवं उससे जमा धनराशि 6.00 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस प्रकार कुल धनराशि का 40.16 प्रतिशत डिजिटल माध्यम से भुगतान प्राप्त हुआ।
डिजिटल माध्यम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन संख्या - धनराशि करोड़ में
ऑनलाइन बैंकिंग 1,11,130 - रु. 34.83
पेटीएम 25,475 - रु. 9.37
आर.टी.जी.एस. 565 - रु. 44.26
एन.ई.एफ.टी. 761 - रु. 47.91
कुल 1,37,931 - रु. 136.37
Published on:
02 Apr 2023 08:42 am
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