
लखनऊ. नगर निगम शहरवासियों को ऑन लाइन कार्यप्रणाली का तोहफा देने जा रहा है। ऑन लाइन हाउस टैक्स जमा करने की सुविधा पहले ही शुरू हो चुकी है। अब नामांतरण प्रक्रिया भी पूरी तरह से ऑन लाइन होगी । वर्तमान में जोनवार जोनल कार्यालय में नामांतरण कराया जाता है । ऑन लाइन नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होने पर लोगों को जोनल कार्यालयों व बाबूओं के चक्कर नहीं लगाने होंगे । ऑन लाइन आवेदन करने के बाद जनहित गारंटी अधिनियम के तहत तय 45 दिन में प्रमाण पत्र ऑन लाइन ही जारी कर दिया जाएगा ।
नामांतरण अथवा संपत्ति के कर निर्धारण में नाम परिवर्तन करने के लिए नाम संसोधन वाले व्यक्ति को प्राथमिक स्वामित्व का प्रमाण पत्र के साथ प्रार्थना पत्र संबधिंत जोन में जमा करना होता है। निगम से उसे स्टेशनरी शुल्क जमा करने पर रसीद मिलती है। यह प्रार्थना पत्र संबधिंत वार्ड कालिपिक हस्तांतरण रजिस्टर में अंकित कर आवेदनकर्ता को क्रम सं या देता है। आवेदन पत्र में लगाए गए अभिलेखों, शपथ-पत्र एवं स्थलीय निरीक्षण के बाद निरीक्षण कर एवं राजस्व अधिकारियों की रिपोर्ट लगाई जाती है। निर्धारित अवधि में भवन का उत्तराधिकार रखने वाले व्यक्तियों को एक महीने की नोटिस जारी की जाती है। समय पर नामांतरण के संबंध में आपत्ति प्राप्त होने पर संबधिंत पक्षकारों को सुनकर गुण दोष के आधार पर नामांतरण करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव के मुताबिक नगर निगम में गृहकर विभाग का सॉ टवेयर तैयार करके कर निर्धारण व नाम परिवर्तन की समस्त कार्रवाई ऑन लाइन किया जाना है। इसके लिए सभी जोनल अधिकारियों से उनके जोन में प्राप्त होने वाले नाम परिवर्तनों के प्रत्यावेदनों की पूरी कार्रवाई को ऑन लाइन सॉ टवेयर में फीडिंग कराने को कहा गया है। बताया कि 19 जनवरी के बाद से नाम परिवर्तन की मैनुअली कार्रवाई मान्य नहीं होगी।
Updated on:
17 Jan 2018 03:15 pm
Published on:
17 Jan 2018 12:25 pm
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