
लखनऊ. यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 पर लगता है ग्रहण लग गया है। पंचायत चुनाव की नई आरक्षण लिस्ट (UP Gram Panchayat Election Reservation List) पर अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। 15 मार्च 2021 को लखनऊ हाईकोर्ट ने 11 फरवरी के यूपी शासनादेश को रद्द करते वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण की नई पंचायत चुनाव आरक्षण लिस्ट जारी करने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता दलीप कुमार ने हाईकोर्ट के फैसले पर विचार करने की मांग की है।
20 मार्च को हाईकोर्ट के आदेशानुसार यूपी में नई पंचायत चुनाव आरक्षण लिस्ट जारी कर दी गई थी। यूपी के कई जिलों में नई आरक्षण लिस्ट विकास भवन में चस्पा कर दी गई थी। शाम को आई नई खबर की हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई। जिसे सुनकर सभी उम्मीदवारों के चेहरे एक बार फिर मुरझा गए। और दूसरी पार्टी जो नई आरक्षण सूची से उदास थी वह खिलखिला उठे। यूपी ग्राम पंचायत चुनाव में इस बार नए नए खेल देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले 11 फरवरी को पंचायती राज विभाग की ओर से जारी शासनादेश में सीटों का जो आरक्षण तय हुआ था, उसके आधार पर तीन मार्च को पहली सूची जारी हुई थी। उससे दावेदारों के समीकरण बदल गये थे।
गांव की सियासी सूरत बदली हुई है। इस वक्त पंचायत चुनाव उम्मीदवारों को कुछ समझा नहीं आ रहा है। कि क्या करें क्या न करें। अब तक की व्यवस्था के अनुसार 20 से 23 मार्च के बीच पहली सूची पर दावे व आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। 24 से 25 मार्च के बीच उनका निस्तारण किया जाएगा। फिर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। 26 मार्च को इस अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
Published on:
21 Mar 2021 12:59 pm

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