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Lucknow Rain Tragedy: मौसम का कहर, तेज बारिश में दीवार गिरी, तीन घायल, एक की मौत

Lucknow Rain: लखनऊ के विभूति खंड में तेज बारिश और आंधी के दौरान हुंडई सर्विस सेंटर की दीवार गिरने से चाय विक्रेता अमित यादव की मौत, दो लोग घायल, क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 05, 2026

लखनऊ में तेज बारिश का कहर (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

लखनऊ में तेज बारिश का कहर (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Lucknow Rain Tragedy: राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश और आंधी ने एक दर्दनाक हादसे को जन्म दे दिया। विभूति खंड थाना क्षेत्र में स्थित एक हुंडई सर्विस सेंटर की बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आकर चाय का ठेला लगाने वाले दो सगे भाई और एक ग्राहक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में चाय ठेला संचालक अमित यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनका भाई और एक अन्य युवक घायल अवस्था में अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

सुबह की बारिश बनी आफत

मंगलवार की सुबह शहर में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में जलभराव और पेड़ों के गिरने की खबरें भी सामने आईं, लेकिन विभूति खंड क्षेत्र में हुआ यह हादसा सबसे ज्यादा दुखद साबित हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे के आसपास तेज बारिश के बीच अचानक जोरदार आवाज के साथ सर्विस सेंटर की बाउंड्री वॉल ढह गई। दीवार के ठीक बगल में अमित यादव का चाय का ठेला लगा हुआ था, जहां रोज की तरह कुछ लोग चाय पी रहे थे।

ठेले पर बैठे लोग दबे मलबे में

दीवार गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दबे अमित यादव, उनके भाई और एक ग्राहक को बचाने के लिए स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। भारी बारिश के बीच लोगों ने ईंट-पत्थर हटाकर घायलों को बाहर निकाला और तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

अमित यादव की हालत गंभीर थी। उन्हें तुरंत लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अमित यादव अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अमित मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे और पिछले कई वर्षों से उसी स्थान पर चाय का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके भाई, जो इस हादसे में घायल हुए हैं, का इलाज जारी है। वहीं चाय पीने आए युवक को हल्की चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

सरकारी कार्य पर उठे सवाल

हादसे के पीछे एक बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सर्विस सेंटर की बाउंड्री वॉल के पास ही किसी सरकारी परियोजना का कार्य चल रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुदाई और निर्माण कार्य के कारण दीवार की नींव कमजोर हो गई थी, जिससे तेज बारिश के दबाव को वह सहन नहीं कर सकी और ढह गई। लोगों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया होता, तो यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही विभूति खंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बारिश और दीवार की कमजोर स्थिति हादसे का कारण प्रतीत हो रही है, लेकिन यह भी जांचा जा रहा है कि क्या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस क्षेत्र में कई जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। ऐसे में आम नागरिकों की जान जोखिम में बनी रहती है।

मौसम और लापरवाही का घातक मेल

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि प्राकृतिक आपदाएं और मानवीय लापरवाही जब साथ मिलती हैं, तो परिणाम कितना घातक हो सकता है। तेज बारिश और तूफान जैसी परिस्थितियों में कमजोर संरचनाएं कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं।

प्रशासन के लिए चेतावनी

इस घटना ने प्रशासन को भी सतर्क रहने का संकेत दिया है। मानसून के दौरान शहर में पुराने और कमजोर निर्माणों का निरीक्षण करना बेहद जरूरी हो जाता है। साथ ही, जहां कहीं निर्माण कार्य चल रहा हो, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए।