
रेपर्टवा फेस्टिवल 2019 का आज से खुला पिटारा, जानिए इसमें है क्या
लखनऊ. रेपर्टवा, नाम ही काफी है। शहर में रेपर्टवा फेस्टिवल सीजन 10 का आयोजन आज से शुरू हो गया है। जगह का नाम है गोमती नगर का संगीत नाटक अकादमी परिसर। रेपर्टवा के दीवानों के लिए आज से लेकर 16 दिसंबर तक का समय खुशगवार रहेगा। बढ़ती ठंड के बीच थियेटर फेस्ट, म्यूजिक फेस्ट और कामेडी फेस्ट के कार्यक्रम आप को गर्मी प्रदान करेंगे।
रंगमंच के साथ ही यह रेपर्टवा महोत्सव हर साल संगीत और हास्य के भी बेहतरीन कार्यक्रम लेकर आता है। जिसे दर्शक हाथोंहाथ लेते हैं।
पांच दिन का कार्यक्रम :-
12 दिसंबर : दोपहर 3 बजे से नाटक मौसमी नारंगी की परफॉर्मेंस होगी। इसी नाटक की दूसरी परफॉर्मेंस शाम 6:30 बजे होगी। इंडियन ओसेन बैंड की परफॉर्मेंस रात 9 बजे होगी।
13 दिसंबर : दोपहर 3 बजे औरत औरत औरत नाटक। शाम 5:30 बजे शाम ऐसी तैसी डेमोक्रेसी स्टैंडअप कॉमेडी। शाम 7:30 बजे इसी नाटक का दूसरा शो होगा।
14 दिसंबर : दोपहर 3 बजे बोन ऑफ कंटेंसन नाटक। शाम 7:30 बजे इसी नाटक का दूसरा शो। रात 9 बजे हिंदी रॉक द लोकल ट्रेन ग्रुप की म्यूजिक नाइट होगी।
15 दिसंबर : दोपहर 3 बजे नाटक आगरा बाजार होगा। दूसरे सेशन में शाम 5:30 बजे अदिति मित्तल का स्टैंडअप कॉमेडी। शाम 7:30 बजे नाटक आगरा बाजार की दूसरी परफॉर्मेंस होगी।
16 दिसंबर : आखिरी दिन दोपहर 3 बजे नाटक बालि होगा। इसी का दूसरा शो शाम 7:30 बजे होगा। रात 9 बजे उर्दू रॉक परवाज की बैंड परफॉर्मेंस के साथ फेस्टिवल विदा हो जाएगा फिर अगले नए साल के अंतिम माह में आने के लिए।
जानिए नाटक के निर्देशक :-
12 दिसंबर- मौसंबी नारंगी (नि.मोहित टाकालकर)
13 दिसंबर- औरत, औरत, औरत ( नि. नसीरुद्दीन शाह)
14 दिसंबर- बोन आफ कन्टेन्सन ( नि. फैजह जलाली)
15 दिसंबर- आगरा बाजार (मूल नि. हबीब तनवीर)
16 दिसंबर- बालि (नि.निम्मी राफेल)
थियेटर फेस्ट :- पहले दिन नाटक मौसंबी नारंगी, मोहित टाकालकर निर्देशित है। नाटक के दो कलाकारों ने फिल्मों की चकाचौंध और जमीनी सच्चाई पेश की है। स्त्री-पुरुष की तमाम भूमिकाओं का बेहद खूबसूरती से पार्ट अदा किया है।
दूसरे दिन विख्यात उर्दू लेखिका इस्मत चुगताई की आत्मकथा कौन नहीं जानता है। औरत, औरत, औरत नाटक उनकी आत्मकथा और उनके तीन लेखों पर आधारित हैं। जिसमें स्त्रियों की आजादी से जुड़े उनके विचारों को दर्शाता है तो रुढिय़ों के प्रति उनके गुस्से का इजहार भी करता है। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह इस नाटक को बहुत ही बेहतरीन ढंग से निर्देशित किया है।
तीसरे दिन फैजह जलाली लिखित और निर्देशित नाटक बोन आफ कन्टेन्सन हमारे समाज में जिम्मेदारियों से भागने और इसे दूसरों पर थोपने की प्रवृत्ति को बहुत खूबसूरती से उजागर करता है।
चौथे दिन विख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर का चर्चित नाटक आगरा बाजार का मंचन होगा। कई ऐसे चरित्र हैं जो सही-गलत की हमारी कसौटी को चुनौती देते हैं।
बालि एक ऐसा ही चरित्र है जिस पर निम्मी राफेल का नाटक बालि केन्द्रित है। पांचवे दिन इसी नाटक का मंचन होगा।
म्यूजिक फेस्ट :- 12 दिसंबर को संगीत उत्सव का पहला दिन इंडियन ओशन के नाम होगा। 14 दिसंबर को संगीत उत्सव लोकल ट्रेन बैंड के सुरों पर झूमेगा जिसने कुछ ही वर्षों में संगीत प्रेमियों में अपार लोकप्रियता हासिल की है। 16 दिसंबर को परवाज के साथ संगीत के सुर परवाज भरेंगे।
कामेडी फेस्ट :- 13 दिसंबर को ऐसी तैसी डेमोक्रेसी का दल अपने चुटीले हास्य-व्यंग्य के साथ होगा। हास्य कलाकार संजय राजौरा, लेखक-गीतकार वरुण ग्रोवर और इंडियन ओशन के राहुल राम की तिकड़ी राजनीति से लेकर साफ्टवेयर इंजीनियरिंग तक के तमाम विषयों पर लोगों को गुदगुदाएगी। 15 दिसंबर को लेखिका-अभिनेत्री अदिति मित्तल दर्शकों से रूबरू होंगी।
Updated on:
12 Dec 2019 04:47 pm
Published on:
12 Dec 2019 04:44 pm
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