
लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति अौर साझी दुनिया की कर्ताधर्ता रूपरेख वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के निर्देश लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिए। इन पर आरोप है कि वे लखनऊ विश्वविद्यालय के उपद्रवि छात्रों का उत्साह रही है बल्कि वे उनके साथ है।
प्रो. रूपरेखा वर्मा पर मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश से लखनऊ में प्रभुत्य जनों ने कड़ा एेतराज जताया है। उनका कहना हैं कि क्या अब इसी लोकतांत्रिक लड़ाई के साथ एकजुटता जताना अौर वहां खड़े होना भी एेतराज माना जाएगा?.. वह लखनऊ विश्वविद्यालय के बच्चों के जायज शांतिपूर्ण अौर लोकतांत्रिक संषर्घ में उनके साथ खड़ी थी। एेसे में उनपर मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश न केवल आपत्तिजनक है बल्कि एक पूर्व कुलपति मर्यादा के विपरीत भी है। बुद्धिजीवी वर्ग ने शासन प्रशासन वर्ग से की है कि रूपरेखा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश को वापिस लिया जाए।
बता दें कि लखनऊ विवि में बुधवार को हुए उपद्रव मामले में डीजीपी, एसएसपी, विवि के कुलपति, प्रॉक्टर व रजिस्ट्रार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में शुक्रवार को कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति आरएस चौहान की खंडपीठ ने पुलिस को मामले में लापरवाही पर फटकार लगाई। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए १६ जुलाई की तिथि नियत करते हुए, एसएसपी को हलफनामा दाखिल कर अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने एलयू के प्रॉक्टर को भी घटना की पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। साथ ही न्यायालय ने एलयू को एक रिपोर्ट के जरिए सलाह देने के लिए कहा है जिसके मद्देनजर ऐसी गाइडलाइंस बनाई जा सके जिससे विश्वविद्यालयों में इस प्रकार के उपद्रव व गुंडागर्दी पर लगाम लगाई जा सके।
Updated on:
7 Jul 2018, 5:30 PM IST
Published on:
7 Jul 2018, 4:48 PM IST
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