यूपी में 52 फीसद महिलाएं बनीं ब्लॉक प्रमुख, पुरुष रह गए पीछे

- यूपी में करीब 52 फीसद महिलाएं ब्लाक प्रमुख चुनीं गईं। मतलब 825 ब्लॉक प्रमुख के पदों में से 439 पदों पर महिलाओं ने कब्जा जमा लिया है।

By: Mahendra Pratap

Published: 12 Jul 2021, 05:21 PM IST

लखनऊ. लगता है यूपी की आधी आबादी को राजनीति, ज्यादा रास आ रही है। और जनता को भी महिलाओं पर अधिक भरोसा कायम हो रहा है। इस का प्रत्यक्ष प्रमाण यूपी ब्लाक प्रमुख चुनाव 2021 में देखने को मिला। यूपी में करीब 52 फीसद महिलाएं ब्लाक प्रमुख चुनीं गईं। मतलब 825 ब्लॉक प्रमुख के पदों में से 439 पदों पर महिलाओं ने कब्जा जमा लिया है। अपनी 33 फीसदी आरक्षित सीटों के अतिरिक्त अनारक्षित सीटों पर भी महिलाओं ने अपना जीत का दम दिखाया।

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444 सीट में 232 महिलाएं जीती :- राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, ब्लाक प्रमुख की कुल 381 निर्विरोध उम्मीदवार चुने गए, जिसमें 207 महिलाओं ने अपनी जीत का परचम लहराया। बाकी बची हुई 444 सीटों पर जब वोटिंग के बाद मतगणना हुई तो 232 महिलाओं ने जीत दर्ज करा, सबको चौंका दिया। अब अगर अनारक्षित सीटों की बात करें तो 45 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध और 50 सीटों पर चुनाव के जरिए ब्लाक प्रमुख चुनी गयीं।

आरक्षित सीटों पर निर्विरोध चयन :- ब्लाक प्रमुख की आरक्षित सीटों में अन्य पिछड़ा वर्ग में 18 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध चुनी गईं और अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 37 पर महिलाएं निर्विरोध विजेता बनीं। एससी के लिए आरक्षित सीटों में 9 और एससी महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 46 सीटों पर महिलाओं ने निर्विरोध अपना झंडा बुलंद किया। किसी भी जाति या वर्ग की महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 51 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनीं और अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित सीटों में एक सीट पर एसटी महिला ने विजय प्राप्त किया।

तीन एसटी महिला ब्लाक प्रमुख बनीं :- ब्लाक प्रमुख की 444 सीटों के चुनाव में एससी के लिए आरक्षित सीटों में से 16, एससी महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 35, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में से 16, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 55 महिलाएं ब्लाक प्रमुख चुनी गई। किसी भी जाति या वर्ग की महिला की आरक्षित सीट में 57 सीट पर महिलाएं जीतीं। एसटी महिला के लिए आरक्षित सीटों में तीन सीटों पर महिलाएं ब्लाक प्रमुख बनीं।

दादा-दादी की सरकार :- मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ ब्लाक में पत्नी किरण देवी (66 वर्ष) गांव नवल सुरजेपुर की ग्राम प्रधान और पति ब्रहम सिंह (68 वर्ष) परीक्षितगढ़ ब्लाक प्रमुख चुन लिए गए है। इस जीत के बाद पूरे जिले में दादा-दादी की सरकार के नाम से चर्चा हो रही है।

पति मजदूर पत्नी ब्लाक प्रमुख :- बहराइच जिले में लोकतंत्र की एक अलग बयार बहीं। बेलवा पदुम गांव के अनुसूचित जाति के पवन कुमार मनरेगा में मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी पयागपुर ब्लाक से इंटर तक शिक्षित गीता देवी (40 वर्ष) पहली बार बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुई हैं। गीता देवी का ब्लाक प्रमुख बनाना एक मुश्किल काम था। पर संयोग ऐसा बना कि, बेलवा पदुम कमाल सतरही सीट अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित हो गई। फिर क्या था भाजपा ने गीता देवी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। एक और उम्मीदवार मैदान में थीं, पर उनके हटने के बाद गीता देवी निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुन ली गईं।

भाजपा 648 सीट पर विजयी :- यूपी की 825 ब्लॉकों में से भाजपा को 648 सीट मिली हैं जबकि समाजवादी पार्टी ने 98 सीटों पर जीत दर्ज की है।

Mahendra Pratap
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