
लखनऊ. आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद यूपी बोर्ड 2021 की 12वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी गई है। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 26,10,316 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिनमें से कुछ के चेहर मुरझा गए तो कुछ खुशी से झूमने लगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के 100 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है। बैठक के बाद डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने इसका ऐलान किया। सीएम योगी ने भी इस फैसले का स्वागत किया।
इतिहास बना :- दिनेश शर्मा ने कहाकि, कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में कुछ समय लग सकता है। 100 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोरोना महामारी के कारण यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द हुई हैं।
औसत के आधार पर मिलेंगे अंक :- डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने बताया कि, 12वीं में छात्रों को उत्तीर्ण करने के लिये दसवीं की परीक्षा और 11वीं की परीक्षा के अंकों के औसत के आधार पर 12वीं कक्षा के उत्तीर्ण छात्र के रूप में अंक मिलेंगे।
बैक पेपर का मिलेगा मौका :- डिप्टी सीएम ने बताया कि इसके अलावा हाईस्कूल और इंटर दोनों में यह भी ऑप्शन रहेगा कि, छात्र अगर इन अंकों से संतुष्ट नहीं है और उसे लगता है कि वह इससे ज्यादा अंक प्राप्त कर सकता है, तो वह बैक पेपर के जरिए जिन विषयों में इंप्रूवमेंट चाहता है, वह दे सकता है।
Updated on:
03 Jun 2021 09:15 pm
Published on:
03 Jun 2021 08:49 pm
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