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SIR पर सरकार VS संगठन, पंकज चौधरी बोले- SIR सरकार जिम्मेदारी, संगठन सिर्फ सहयोग कर सकता

Special Intensive Revision : सरकार और संगठन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR को लेकर मुख्य भूमिका सरकार की होती है, जबकि संगठन केवल सहयोग में भाग ले सकता है।

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SIR पर सरकार और संगठन के बीच बयानबाजी, PC- Patrika

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सरकार और संगठन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR को लेकर मुख्य भूमिका सरकार की होती है, जबकि संगठन केवल सहयोग में भाग ले सकता है।

एसआईआर को लेकर पार्टी में बढ़ी चिंता को ध्यान में रखते हुए पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने एक रणनीति बैठक बुलाई। बैठक में तय किया गया कि SIR प्रक्रिया का समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रूप से लगाया जाए।

पार्टी नेतृत्व ने बताया कि सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदाता सूची में संशोधन समय पर और निष्पक्ष रूप से पूरा हो। संगठन सिर्फ जमीन स्तर पर सहयोग, मतदाताओं से संवाद और आपत्तियों में भागीदारी कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार और आयोग का ही होगा।

SIR क्या है और क्यों चर्चा में है?

SIR यानी Special Intensive Revision एक विशेष मतदाता सूची गहन संशोधन प्रक्रिया है, जिसे भारत निर्वाचन आयोग चलाता है ताकि अनावश्यक/डुप्लिकेट वोटर्स हटाए जाएं, नए योग्य मतदाता शामिल हों, और मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाया जा सके। यह प्रक्रिया चुनावों से पहले मतदाता सूची के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

हाल ही में कुछ राज्यों में SIR की समय-सीमा बढ़ाई गई है, जबकि कई जगहों पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और लोग ऑनलाइन भी अपने नाम देखने व आपत्तियां दर्ज कराने में सक्षम हैं।

14 दिसंबर 2025 को लखनऊ के आशियाना स्थित राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय परिसर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भव्य मंच सजा था। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।

2027 की लड़ाई के लिए रहे तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 की लड़ाई अब सामने है। विरोधी दलों के पास मुकाबले की ताकत नहीं है, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि विरोधी चाहे जैसा हो, उसके छल और छद्म का जवाब देने के लिए हमारे पास उससे कहीं ज्यादा साहस, शौर्य और तेज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी शौर्य और तेज को जगाने के लिए वह इस मंच का उपयोग कर रहे हैं और यह कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह अक्सर सुनते हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और पुरुषार्थ पर किसी को कोई संदेह नहीं है, लेकिन कहीं-कहीं हमारी जरूरत से ज्यादा उदारता और दूसरों पर अंधा भरोसा हमें नुकसान पहुंचा देता है। इसी कारण हमें और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चल रही SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में नगरों, गांवों, बूथों और मंडलों पर SIR की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कहा कि जब वे कार्यकर्ताओं से प्रगति पूछते हैं तो कोई 98 फीसदी, तो कोई 100 फीसदी काम पूरा होने की बात कहता है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं होती।

SIR पर सपा लगातार सरकार को घेर रही

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) समेत कई पार्टियों ने आरोप लगाए हैं कि यह राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल हो रहा है। SP ने दावा किया कि SIR के तहत कुछ पारंपरिक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं ताकि सत्ताधारी दल को फायदा मिले।