
यूपी में जाली नोटों के कारोबार में आई तेजी, एटीएस अलर्ट
लखनऊ. यूपी में जाली नोटों (counterfeit notes) का कारोबार तेजी पकड़ रहा है। यूपी पुलिस
(Uttar Pradesh police) और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) (Anti-terrorist Squad) की टीम पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। जाली नोटों के तस्करों पर एटीएस अपना शिकंजा कस रही है। एक-एक कड़ी जोड़कर पूरे गैंग का पर्दाफाश करने की रणनीति बना रही है। एटीएस ने पिछले साल तहसीन खान व वसीम खान को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था और इन दोनों के नाम से नवंबर 2020 लखनऊ स्थित थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी। जब इनसे कड़ी पूछताछ की गई तो इन दोनों ने सदर अली और उसकी पत्नी मुमताज का नाम लिया।
मुमताज की तलाश तेज :- जाली नोटों (Fake currency) के कारोबारी को नेस्तनाबूद करने के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने जाली नोट तस्कर सदर अली की तीन दिन पूर्व नोएडा से गिरफ्तारी किया है। इसके बाद एटीएस की नजर उसके नेटवर्क और उसके गैंग के लोगों पर लगी है। एटीएस सदर अली की पत्नी 25 हजार रुपए की इनामी मुमताज की भी तलाश कर रही है।
पुराने खिलाड़ियों पर सख्त नजर :- एटीएस सूत्रों के अनुसार, नकली नोट तस्कर सदर अली का नेटवर्क बरेली, कानपुर नगर व लखनऊ समेत कई शहरों में था। वह यूपी के कई तस्करों को पाकिस्तान से आने वाले जाली नोटों की सप्लाई करता था। नकली नोटों की सप्लाई में तेजी आने के बाद एटीएस ने गिरोह से जुड़े सप्लायरों की तलाश शुरू कर दी है। नकली नोट सप्लाई करने वाले पुराने खिलाड़ियों की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
पाकिस्तान से आती है सप्लाई :- सूत्रों के अनुसार बांदा से जुड़े कई गिरोह पश्चिम बंगाल से जाली नोट लाते है और उनकी सप्लाई राजधानी लखनऊ, एनसीआर, दिल्ली समेत कई यूपी के जिलों में कर रहे हैं। इस गिरोह के कई पकड़े गए सदस्यों ने बताया था कि जाली नोट पाकिस्तान से बंगलादेश व नेपाल के जरिये यहां सप्लाई किए जा रहे हैं।
मालदा निवासी सदर अली :- मालदा (पश्चिम बंगाल) निवासी सदर अली को 24 मार्च को एटीएस ने नोएडा के महामाया फ्लाई ओवर के पास गिरफ्तार किया था। इससे पहले सदर अली पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वर्ष 2010 में गिरफ्तार किया गया था। तब वह तीन माह बाद जमानत पर छूटकर बाहर आ गया था।
Published on:
30 Mar 2021 02:57 pm

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