
उत्तर प्रदेश के पांच शहर रेड जोन घोषित, इस लिस्ट में कहीं आपके शहर का नाम तो नहीं
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण ने विकराल रुप धारण कर लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सतर्कता बरततें हुए यूपी के पांच बड़े शहरों को रेड जोन घोषित कर दिया है। इसके लिए यूपी सरकार ने केंद्र की गाइडलाइन के छह मानकों को आधार बनाया है। इसी आधार पर सभी जिलाधिकारियों को अपने हिसाब से जोन निर्धारित करने के निर्देश भी दिए हैं। यूपी सरकार को यह निर्देश 31 मई तक जारी रहेगा। प्रवासी कामगारों में कोरोना संक्रमण के प्राथमिक स्तर पर जानकारी आसानी से मिल सके इसके लिए सभी आशा वर्कर, एएनएम और फील्ड कर्मचारियों को पल्स ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे। इस पल्स ऑक्सीमीटर से ये सभी गांव गांव जाकर संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगी। पल्स ऑक्सीमीटर से स्क्रीनिंग के समय यह पता चलता है कि व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की मौजूदा स्थिति क्या है। बारांबकी में अचानक एक दिन में 95 कोरोना वायरस मिलने से पूरे शहर में दहशत की स्थिति फैल गई है। प्रदेश में कुल मरीजों का आंकड़ा 5220 हो गया है, यह लगातार बढ़ता जा रहा है।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए जितने भी सख्त कदम उठाने है, यूपी सरकार उठा रही है। कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे अपने दायरे को बढ़ता चला जा रहा है। प्रदेश सरकार ने कानपुर नगर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ व नोएडा के पांच नगरीय क्षेत्रों को रेड जोन घोषित कर दिया है।
केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के छह मानक :- चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर रेड, ऑरेन्ज व ग्रीन जोन निर्धारित करने छह मानक तय किए गए हैं। उन जिलों को गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा जहां कुल एक्टिव केस 200 हों, एक्टिव केस प्रति लाख के हिसाब से 15 हों। 14 दिन में हर हफ्ते के हिसाब से वहां संक्रमित मामले दोगुने हो रहे हों। मृत्यु दर छह फीसदी या उससे ज्यादा हो। प्रति लाख की आबादी पर केवल 65 लोगों की टेस्टिंग हो रही हो। जांच के नमूने की रिपोर्ट छह फीसदी की दर से लोग संक्रमित हो रहे हों।
डीएम अतिरिक्त कदम उठाने को अधिकृत :- प्रसाद ने बताया कि ऐसे गंभीर श्रेणी के जिले क्रिटिकल स्थिति से तभी हट सकते हैं जब वहां 21 दिन तक कोई केस न आए। संक्रमित मामले 28 दिन में दोगुने हों। मृत्यु दर केवल एक फीसदी रह जाए। एक लाख की आबादी पर 200 लोगों की टेस्टिंग होने लगे। संक्रमित केसों की तादाद केवल दो फीसदी रह जाए। प्रसाद ने बताया कि केन्द्र की गाइडलाइन के आधार पर पिछले 21 दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला न पाया जाए तो वह स्वयं ही ग्रीन जोन में आ जाएगा। इसी तरह जो जिले रेड और ग्रीन जोन की स्थितियों में न हों, वह ऑरेन्ज जोन में होंगे। रेड जोन में वर्गीकृत किए गए जिलों के डीएम संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए अपने जिलों में अतिरिक्त कदम उठाने के लिए अधिकृत होंगे।
अब आशा-एएनएम को पल्स ऑक्सीमीटर :- अब आशा-एएनएम पल्स ऑक्सीमीटर से गांव-गांव संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगी। जिसके लिए योगी सरकार ने पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराया है। पल्स ऑक्सीमीटर से स्क्रीनिंग के समय व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली जा सकेगी। इससे कोरोना संक्रमण के प्राथमिक स्तर पर जानकारी मिलने में भी आसानी होगी। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से मिले एलर्ट से स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम ने 30,780 फोन कॉल किए गए। इनमें से 326 लोगों को क्वारंटाइन किया गया और 71 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 41 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
एक ही दिन में बाराबंकी में मिले 95 पॉजिटिव :- बाराबंकी में एक साथ कोरोना के 95 पॉजिटिव केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। उन इलाकों को सील कर दिया गया है जहां पर मरीज पाए गए हैं। ये सभी मरीज प्रवासी श्रमिक या फिर उनके संपर्क में आने वाले बताए जा रहे हैं। इस तरह से जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 120 हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने प्रेसनोट में बताया कि 15 और 16 मई को 245 सैंपल जांच को भेजे गए थे। इनमें से 95 की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इनमें से 46 लोग ऐसे हैं जो पूर्व में पाजिटिव पाए गए 6 लोगों के संपर्क में आए थे। सभी को क्वारंटाइन सेंटरों में रखा गया था। इसके अलावा 49 अन्य प्रांतों और जनपदों से आए लोग हैं।
बनीकोडर में 11, बाराबंकी शहर में सात, सिरौलीगौसपुर में एक, देवा में सात, फतेहपुर में 11, हैदरगढ़ में चार, हरख में पांच, जाटा बरौली में सात, रामनगर में 16, सिद्वौर में 15, सूरतगंज में सात और त्रिवेदीगंज क्षेत्र में एक कुल 92 कोरोना के पाजिटिव केस पाए गए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने जहां-जहां पर केस मिले हैं उन इलाकों को सील कराते हुए प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
Published on:
21 May 2020 01:09 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
