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यूपी सरकार ने शुरू किया पंचायत चुनाव के लिए रैपिड सव्रे

पिछड़ी जातियों के रैपिड सव्रे का कार्य करीब दो महीने तक चलेगा।

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Juhi Mishra

May 25, 2015

Election Commission

Election Commission

लखनऊ। पंचायत चुनाव के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा शुरू कराये गये पिछड़ी जातियों के रैपिड सव्रे का कार्य करीब दो महीने तक चलेगा। वर्ष 1994 की संशोधित नियमावली के आधार पर सरकार यह रैपिड सव्रे को करा रही है जिसमें कुल 79 जातियों को लिया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना में पिछड़ी जातियों की जनसंख्या के कोई आंकड़े न होने के कारण सरकार यह रैपिड सव्रे करा रही है। सव्रेक्षण का काम पूरा होने के बाद त्रिस्तरीय पंचायतों के अध्यक्ष और सदस्य पद के आरक्षण का काम होगा।

प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी की तरफ से जिलाधिकारियों को रैपिड सव्रे के बारे में जारी किये गये शासनादेश में कहा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायतों के अध्यक्ष पद का आरक्षण प्रदेश की कुल ग्रामीण संख्या में पिछड़ी जातियों की संख्या के अनुपात में होगा जबकि सदस्य पद का आरक्षण पंचायत की कुल जनसंख्या में पिछड़ी जाति की संख्या के अनुपात में होगा। पिछड़ी जातियों के रैपिड सव्रे का कार्य जिलों में जिलाधिकारियों के नियंतण्रमें होगा और मुख्य विकास अधिकारी इसके नोडल अफसर होंगे। बीस मई से लेकर 30 मई तक रैपिड सव्रे से सम्बंधित प्रपत्रों के मुदण्रका कार्य होगा जबकि 31 मई से 11 जून तक सव्रेक्षण को लेकर खण्ड विकास अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य होगा।

24 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा

इस तरह 13 जून को विकास खण्ड स्तर पर जोनल अैर ब्लाक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायतवार सूचियों के प्रकाशन का काम 24 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। पहली जुलाई से 4 जुलाई के बीच आपत्तियां ली जाएंगी और फिर 5 से 10 जुलाई के मध्य आपत्तियों के निस्तारण का कार्य होगा। इसके बाद अन्य प्रक्रिया को पूरा करते हुए सभी जिलों को 18 जुलाई तक सूचियों का अंतिम रूप से प्रकाशन करना होगा।
सव्रे में शामिल की गई पिछड़ी जातिया

रैपिड सव्रे में शामिल की गई पिछड़ी जातियों में अहीर, अरख, काछी, कहार, केवट, कोइरी, किसान, कुम्हार, पटेल, कम्बोज, कसगर, कुजड़ा, गोसाई, गूजर, गडेरिया, गद्दी, गिरी, चिकवा, छीपी, जोगी, झोजा, डफाली, तमोली, तेजी, दर्जी, धीवर, नक्काल, नट, नायक, फकीर, बंजारा, बढ़ई, बारी, बैरागी, बिन्द, बियार, तंतवा, पटवा, कलाल, भर, भुर्जी, माली, मनिहार, मुराव, मोमिन, मिरासी, मुस्लिम कायस्त, नद्दाफ, मारछ, रंगरेज, लोध, लोहार, लोनिया, सोनार, स्वीपर, हलवाई, हज्जाम, राय, सक्का, धोबी, कसेरा, नानवाई, मीरशिकार, शेख सरवरी, मेव, कोष्ट, रोड़, खुमरा, मोची, खागी, तंवर, कतुआ, माहीगिरी, दांगी, धाकड़, जोरिया, जाट तथा भटियारा हैं।

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