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शिक्षामित्रों का सपना टूटा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी में बाकी 37,339 भर्तियां अति शीघ्र

- सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई मुहर- सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों को दी रियायत, अगली परीक्षा में ले सकेंगे हिस्सा - सीएम योगी और शिक्षा मंत्री ने फैसले का किया स्वागत
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लखनऊ

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 18 Nov 2020, 4:26 PM IST

शिक्षामित्रों का सपना टूटा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी में बाकी 37,339 भर्तियां अति शीघ्र

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई मुहर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. यूपी के 69000 शिक्षक भर्ती में जारी कट ऑफ मार्क्स को लेकर शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के आज के निर्णय से असमंजस में पड़ी यूपी सरकार ने चैन की सांस ली। 24 जुलाई को अपने सुरक्षित रखे फैसला पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया। सुप्रीम कोर्ट ने कटऑफ को 60-65 फीसदी ही फिक्स रखा है। हालांकि कोर्ट ने शिक्षा मित्रों को यह रियायत दी कि अगले साल होने वाली परीक्षा में शिक्षा मित्र बैठ सकते हैं। इस बड़े फैसले के बाद अब कुल 67867 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की राह आसान हो जाएगी। सीएम योगी के निर्देश पर 31,661 पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति प़त्र के साथ उनके मनपसंद जिलों में तैनाती दे दी गई है। अब कुल में से बाकी बचे 37,339 पदों पर भर्ती करने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दे दिए है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सीएम योगी व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने खुशी जाहिर करते हुए कहाकि, बाकी बचे पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

शिक्षा मित्रों को एक आखिरी मौका :- सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति यू. यू. ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य में 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र एसोसिएशन की अपीलों को खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षा मित्रों को राहत पहुंचाते हुए यूपी सरकार को निर्देश दिया कि शिक्षा मित्रों को अगली भर्ती परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए एक आखिरी मौका दिया जाए और उसकी गाइडलाइन यूपी सरकार तैयार करे। इस फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार को मई, 2020 में घोषित परिणाम के अनुसार सहायक अध्यापकों (शिक्षा मित्रों) के शेष 37,339 पदों को भरने राह अब साफ हो गई है।

कट-ऑफ अंक था मुख्य मामला :- मुख्य मामला यह था कि, उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसमें भर्ती के लिए उच्च कट-ऑफ अंक रखने के यूपी सरकार के फैसले पर सहमति जताई गई थी। परीक्षा से पहले आरक्षित और अनारक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक 40-45 थे। जिसे यूपी सरकार ने बढ़ाकर क्रमश: 65 और 60 कर दिया था। न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एम एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति विनीत सरन की एक पीठ ने शुरू में हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

नियुक्ति का रास्ता साफ : सतीश द्विवेदी

सीएम योगी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि इससे बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। बाकी बचे पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को एक और मौका देने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले ने योगी सरकार के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के फैसले पर भी मुहर लगा दी। मैं सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल सभी अभ्यर्थियों को बधाई देता हूं।