
20 डेस्टीनेशन जिन्हें नहीं घूमा तो अधूरी रहेगी चाह
लखनऊ उत्तर प्रदेश दुनिया का सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश की आबादी करीब 20 करोड़ है। दुनिया के सिर्फ पांच देश ही उत्तर प्रदेश राज्य से अधिक आबादी वाले देश हैं। तमाम बोलियों की शुरुआत उत्तर प्रदेश की जमीन से शुरू हुई है। ब्रज और अवधी के साथ 40 अन्य बोलियां इस प्रदेश में बोली जाती हैं। दिल्ली की सत्ता की राह भी इसी प्रदेश से ही होकर गुजरती है। प्रदेश से ही निकला कथक नृत्य समूची दुनिया में अपनी पहचान रखता है। इतनी सारी खूबियां जिस प्रदेश की हो उसे अगर नहीं घूमा तो फिर आपकी चाह अधूरी रहेगी।
लखनऊ - शहर आजकल चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। यह प्रदेश की राजधानी के साथ—साथ कबाब और नवाबों के शहर रूप में जाना जाता है। अपने साहित्य, संस्कृति, वास्तुकला, खानपान के साथ अपनी चिकनकारी के लिए दुनियाभर में मशहूर है। आम हो या खास, लखनऊ आने वाले पर्यटक लौटते वक्त चिकन के कपड़े ले जाना नहीं भूलते हैं। गोमती नदी का किनारा अपने आकर्षक पर्यटन स्थलों से पर्यटकों के चेहरे पर एक अनोखी मुस्कान छोड़ देता है। पुराना लखनऊ और नया लखनऊ पुरानी और नई संस्कृतियों के लोगों की मेजबानी करता है। बारा इमामबाड़ा, ब्रिटिश रेजीडेंसी हुसैनाबाद, क्लॉक टॉवर, जामा मस्जिद, सआदत अली खान का मकबरा, कैसरबाग पैलेस, छत्तर मंजिल जैसे कई देखने योग्य इमारतें हैं। खानपान तो क्या कहना है, बिरयानी, गलौटी कबाब, शिरमल, नाहरी, कुलचा, खीर, जलेबियां, चाट, कोफ्ता, समोसा, कुल्फी, पेठा, कचौरियां जो भी खाएंगे सिर्फ वाह वाह करेंगे।
आगरा- इधर आगरा का नाम बोला गया और उधर सिर्फ एक ही आवाज आती है। वाह ताज.... ताजमहल। मुगल बादशाह ने अपनी प्यारी पत्नी मुमताज की याद में धरती पर एक ऐसा नगीन गढ़वाया दिया कि जो भी सुनता है वो बिना देखे जा ही नहीं सकता है। इसके बाद आगरा किला, फतेहपुर सिकरी, अकबर महान का मकबरा,मेहताब बाग बेहद ही खूबसूरत स्थल हैं। इसके साथ कई प्रकार के फ्लेवर के पेठे और चटपटी नमकीन भी है।
कानपुर- पुराने वक्त में कानपुर एक औद्योगिक नगर के रुप में मशहूर था। उस वक्त कानपुर को'मैनचेस्टर ऑफ़ द ईस्ट' कहा जाता था। वो उंची उंची मिलें और चौड़ी सड़कें कमाल है। इस शहर में पर्यटन के कई ऐसे स्थल हैं जहां घूमकर
आप अपनी पिकनिक को यादगार बना सकते हैं। ऐतिहासिक स्थल बिठूर, इस्कॉन मंदिर, जेके मंदिर, कानपुर प्राणि उद्धयान, गंगा बैराज और ढेर सारे छोटे छोटे स्थान पर्यटकों को लुभाते हैं।
वाराणसी- यह स्थान हिंदुत्व का उद्गम स्थल माना जाता है। वाराणसी दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। इस स्थान को मंदिरों का शहर माना जाता है। ये स्थान शिवभक्तों के लिए सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। काशी विश्वनाथ मंदिर, सारनाथ, अशोक स्तम्भ धर्मराजिका स्तूप, मूलगंध कुटी विहार, चौखंडी स्तूप, डीयर पार्क, धमेख स्तूप आदि। इसके बाद गंगा में अद्भुत नौका विहार, पूरी कचौड़ी, चाट और ढेर सारी मिठाइयां आपको हमेशा याद दिलाएंगी।
झांसी- यह स्थान पर्यटन के लिए बेहद ही खूबसूरत जगह है। यहां झांसी का किला, रानी महल, झांसी संग्रहालय, महालक्ष्मी मंदिर, गंगाधर राव की छतरी आदि पर्यटन स्थल हैं।
इलाहाबाद- धार्मिक रुप से इलाहाबाद का बहुत महत्व है। यहां तीन नदियों गंगा, यमुना और लुप्तप्राय सरस्वती का संगम होता है। कुम्भ के लिए भी इलाहाबाद सदियों से जाना जाता है। किला, लेटे हुए हनुमान मंदिर, ऑल सैंट कैथेडल, जवाहर प्लैनेटेरियम आदि बेहद प्रसिद्ध हैं।
कुशीनगर- कुशीनगर महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ शहर है, गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के बाद पारिनिर्वाण हीरान्यावती नदी के पास प्राप्त किया था। यहां निर्वाण स्तूप, निर्माण मंदिर, रामाभर स्तूप, चीनी मंदिर, जापानी मंदिर आदि स्थल प्रमुख हैं। जिन्हें देखकर आप खुशी के साथ अपने अंदर शांति महसूस करेंगे।
मेरठ- यहां पांडव किला, शहीद स्मारक, राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, शहपीर मकबरा, नंगल तीर्थ, सूरज कुंड, जामा मस्जिद, आबू मकबरा, विक्टोरिया पार्क, पंजाब पार्क, बेगम का महल आदि पर्यटन स्थल हैं।
गाजियाबाद- देश की राजधानी दिल्ली से लगा हुआ शहर है। इस शहर में मीराबाई की रेती, ब्रज घाट, गणमुक्तिश्वर महादेव मंदिर, झारखंड महादेव, कल्याणेश्वर महादेव मंदिर आदि प्रमुख हैं। घूमने के लिए खूबसूरत और भीड़भाड़ से भरा बाजार आपके लिए है।
मथुरा :- भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है मथुरा। हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए सात पवित्र शहरों में से एक है। भगवान कृष्ण जन्मभूमि मंदिर, उस कारागार के बाहर बना हुआ है जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इसके अलावा भी कई मंदिर है, जिनमें बांके बिहारी मंदिर,इस्कान मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, कंस किला, मथुरा संग्रहालय, गोवर्धन पर्वत, कुसुम सरोवर, श्रीकृष्ण बलराम मंदिर, गोपी नाथ मंदिर, श्री राधा वल्लभ मंदिर, राधारमन मंदिर, मदन मोहन मंदिर, गोविंद देवजी मंदिर, शाहजी मंदिर, जयपुर मंदिर घूमना न भूलें।
जौनपुर- जौनपुर शहर की स्थापना दिल्ली के सुल्तान फिरोज शाह तुगलक ने की थी। जौनपुर में घूमने के लिए यहां कई ऐतिहासिक और धार्मिक जगह हैं, यहां पूरे साल पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। जिले में कई ऐतिहासिक स्थल हैं शाही किला, अटाला मस्जिद,जामा मस्जिद, शाही पुल और शीतला माता मंदिर। इसके अतिरिक्त बेनी की इमरती का तो जवाब नहीं है।
अयोध्या- अयोध्या का नाम जुबान में आते ही भगवान राम की तस्वीर सामने आ जाती है। हिन्दुओं की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। अयोध्या का नाम विश्व प्रसिद्ध है। हनुमान गढ़ी भगवान राम का जन्मस्थान हैं। इसके अतिरिक्त नागेश्वरनाथ मंदिर, गुलाबबाड़ी, कनक भवन, दशरथ भवन, मणि पर्वत, सीता की रसोई इनके दर्शन के बाद जो अनुभूति मिलेगी उसका क्या कहना है। शीघ्र भगवान राम का एक बड़ा मंदिर बनने जा रहा है। और सरयू नदी मेें स्नान आपको याद रहेगा।
सहारनपुर- सहारनपुर शहर अपने लकड़ी की नक्काशी के लिए जाना जाता है। एक से एक कमाल की कारीगरी कि आप देखकर अपनी अंगुली काटने से नहीं रह सकेंगे। शाकुम्भरी देवी मंदिर, देवबंद का बाला सुंदरी मंदिर (शक्ति पीठ), नौगाजा पीर में भक्तों का तांता लगा रहता है। दारुलउलूम देवबंद शिक्षा का एक बड़ा केंद्र है।
बलिया- बलिया शहर के एक किनारे पर गंगा नदी और दूसरे पर घाघरा नदी है। सुरहा ताल अभयारण्य को देख आनंद आएगा। भृगु मंदिर, शहीद स्मारक, ददरी मेला जैसे कई जगह आप देख सकते हैं। यह शहर स्वतंत्रता सेनानी का गढ़ रहा है। फिर बाटी चोख खाए और मस्त हो जाएं।
गोरखपुर- गोरखपुर शहर मौर्य, कुषाण,शुंगा और गुप्त साम्राज्य का एक बेहद अहम हिस्सा रहा है। ऋषि गोरखनाथ के नाम पर इस शहर नाम रखा गया। गीता प्रेस, आज भी गीता और हिन्दू धार्मिक पुस्तकों के लिए सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। कुश्मी वन देख हरियाली के करीब आप पाएंगे। रामगढ़ ताल और विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर, प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी के दिन यहां मकर सक्रांति मेले का आयोजन किया जाता है।
चित्रकूट- चित्रकूट मन्दाकिनी गंगा के तट पर स्थित है। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास के करीब साढ़े ग्यारह साल इसी वन में गुजारे थे। राघव प्रयाग, मुख्य देव श्रीकामदगिरि, लखमण पहाड़ी, भरत मिलाप, चरण-पादुका, रामघाट, प्रमोद वन, जानकी कुण्ड, रघुवीर मन्दिर, स्फटिक शिला, अनुसूया आश्रम, गुप्त गोदावरी, मड़फा आश्रम, भरत कूप, गणेश बाग, बांके सिद्ध, कोटि तीर्थ, देवड़गना, हनुमान धारा, सीता रसोई, महर्षि वाल्मीकि आश्रम और रघुवीर मन्दिर दर्शन करते जाइए और मगन होते जाइए।
बाराबंकी- बाराबंकी में देवा-महादेवा सहित एक दर्जन से ज्यादा पर्यटन स्थल हैं। कुछ पर्यटन स्थल कौमी एकता की मिसाल बने हुए हैं। देवा शरीफ, सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार है। जहां 10 दिवसीय देवा मेला लगता है। लोधेश्वर महादेवा, कुंतेश्वर महादेव, कोटवाधाम तीर्थ, शैलानी देवी स्थल का जलकुंड के साथ करीब पांच हजार साल आयु का देव वृक्ष पारिजात। अद्भुत है।
मुरादाबाद- भारत की ‘ब्रास सिटी’ या ‘पीतल नगरी’ का जब भी नाम पूछा जाता है तो मुरादाबाद का ही नाम आता है। हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी और ठेठ देहाती भाषाएं बोलने वाली यह नगरी रामगंगा नदी के तट पर स्थित है। दर्शनीय स्थल प्रेम वंडरलैंड, सांई मंदिर, वेव मॉल, जामा मस्जिद, डीयर पार्क, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हनुमान मूर्ति मंदिर, बुद्ध बाजार हैं। और फिर मुरादाबादी दाल और बिस्कुटी रोटी का लुत्फ उठाएं।
बरेली- पहाड़ का प्रवेश द्वार बरेली ऐतिहासिक धरोहरों भरा है। बरेली महाभारत काल, जैन काल, बौद्ध काल, मुगल शासन काल और रुहेला शासक काल को स्मृतियों को संझोए एक खास पर्यटन स्थल है। यह राज्य के 8वें सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यह पर प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर, अलखनाथ मंदिर, दरगाह-ए-आला हजरत, सेना संग्रहालय और तुलसी मठ देखने की अच्छी जगह हैं। इसके बाद बरेली का सुरमा न भूल जाइएगा।
लखीमपुर खीरी- तराई में स्थित यह जिला उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला हैं। यहां पर शिव मंदिर, गोला गोकरन नाथ को छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। लिलौटी नाथ मंदिर, मेंढक मंदिर, देवकाली शिव मंदिर, टेडे़नाथ मंदिर है। दर्शन् कर लाभ उठाएं। सूरत भवन महल, गुरूद्वारा कौड़ियाला घाट साहिब और अगर आप प्रकृति और जंगलप्रेमी हैं तो दुधवा राष्ट्रीय उद्यान भी जा सकते हैं। मैगलगंज के गुलाब जामुन प्रदेश भर में मशहूर है।
सीतापुर - सीतापुर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। नैमिषारण्य धाम, ललिता देवी मंदिर, बिसवान, राजा महमूदाबाद का किला कोठी और फिर आता है सीतापुर आई हॉस्पिटल, जिसका देश में काफी नाम है।
Published on:
01 Jan 2020 01:44 pm
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