
Mahashivratri 2022 : महाशिवरात्रि पर भूलकर भी शिव को अर्पित न करें ये छह वस्तुएं
Mahashivratri 2022 महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार चतुर्दशी तिथि 1 मार्च 2022 को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि 2022 पूजा मुहूर्त एक मार्च सुबह 03.16 से शुरू होकर बुधवार देर रात्रि 1 बजे तक रहेगा। यानी श्रद्धालु पूरे दिन भगवान की शिव की पूजा कर सकेंगे। वैसे तो भगवान शंकर भोले है जरा सी पूजा अर्चना से प्रसन्न हो जाते हैं। पर कुछ ऐसी वस्तुएं ऐसी हैं, जिन्हें भगवान शिव को भूलकर भी अर्पित नहीं करनी चाहिए। आईए जानें वह क्या वस्तुएं हैं जिन्हें महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को अर्पित नहीं करनी चाहिए।
शंख -
राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी ज्योतिषाचार्य अजय श्रीवास्तव के अनुसार, शास्त्रों की मानें तो महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा में शंख भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए। क्योंकि भगवान शिव ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था। यही वजह है कि उनकी पूजा में इसे शामिल करने की मनाही होती है।
कुमकुम या रोली -
भगवान शिव को कुमकुम और रोली भूलकर भी न लगाएं। मान्यता है कि सिंदूर महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए लगाती हैं और भगवान शिव संहारक हैं। इसलिए भगवान शिव को सिंदूर की बजाए चंदन लगाना चाहिए।
तुलसी का पत्ता -
मान्यता है कि भोलेनाथ को तुलसी का पत्ता भी अर्पित नहीं करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार जलंधर की पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी। भगवान शिव ने जलंधर का वध किया था। यही कारण है कि वृंदा ने शिव पूजा में तुलसी के पत्ते इस्तेमाल करने के लिए मना किया था। मान्यता है कि भगवान शिव को तुलसी अर्पित करने से पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है।
नारियल पानी -
नारियल पानी से भगवान शिव का अभिषेक भूलकर भी न करें।
फूल -
भगवान शिव के भक्तों को पूजा के दौरान केतकी और केवड़े के फूल का इस्तेमाल करने की मनाही होती है। इसके अलावा कनेर और कमल के फूल भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाने चाहिए।
हल्दी -
भगवान शिव को भूलकर भी हल्दी अर्पित न करें। शास्त्रो के अनुसार, शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है और हल्दी स्त्रियों से संबंधित है। इसलिए भगवान शिव को हल्दी चढ़ाने की मनाही होती है।
Published on:
28 Feb 2022 11:11 pm
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