19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मालती देवी हत्याकांड: 18 साल पुरानी नफरत की कहानी, साजिश ऐसी रची कि सिपाही ही बन गया हत्यारा

7 जून, 2004 को मालती शर्मा की हत्या हुई। 18 साल बाद 4 लोगों को उम्रकैद हुई है। DIG पीके मिश्रा की पत्नी भी इस हत्याकांड में शामिल हैं।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Nazia Naaz

Dec 13, 2022

जौनपुर की रहने वाली मालती भाजपा नेत्री थीं

बीजेपी नेता मालती शर्मा की हत्या और हत्या की साजिश रचने के मामले में 4 लोगों को उम्रकैद हुई है। बीजेपी की पूर्व पार्षद अलका मिश्रा, सिपाही राजकुमार राय, रोहित सिंह और आलोक दुबे को इस मामले में सजा सुनाई गई है। मालती शर्मा की हत्या जून 2004 में हुई थी। एडीजे विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। मामला 18 साल पुराना है।

मामले में दोषी पाई गई अलका मिश्रा DIG पीके मिश्रा की पत्नी है। कोर्ट से दोषी करार होने के बाद वो पिछले 2 साल से फरार चल रही थीं। रविवार देर शाम लखनऊ पुलिस ने अलका मिश्रा को गाजीपुर से गिरफ्तार किया था। सोमवार को कोर्ट में पेश किया, वहां उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

18 साल पुराना सियासी वर्चस्व और नफरत की कहानी जान लीजिए

कहानी की शुरुआत 18 साल पहले लखनऊ के सर्वोदय नगर में शुरू हुई। 7 जून, 2004 को मालती शर्मा की हत्या हुई। जौनपुर की रहने वाली मालती भाजपा नेत्री थीं। मालती लखनऊ की राजनीति में मजबूती से एक्टिव थीं। उस समय मालती महिला मोर्चा की शहर सचिव थीं।

अलका मिश्रा भी उस समय बीजेपी नेत्री थी और उस वक्त विकासनगर की पार्षद थीं। बाद में अलका मिश्रा भाजपा के अवध क्षेत्र की पूर्व उपाध्यक्ष रहीं। सियासी वर्चस्व की नफरती जंग में मालती की गोली मारकर हत्या करवा दी गई थी।

सिपाही पर हुई पहली FIR,कुकरैल बंधा पर मिली थी लाश

8 जून को मालती के पति प्रेमनाथ शर्मा ने इंदिरा नगर के गाजीपुर थाने में दर्ज कराई थी। 7 जून की रात तकरीबन साढे 8 बजे मालती डॉ. धवन की क्लीनिक में दवा लेने गईं थीं। मालती के साथ गाजीपुर थाने का सिपाही राजकुमार राय भी था। सिपाही राजकुमार मालती की सुरक्षा में तैनात था।

दवा लेने गई मालती देर रात तक नहीं लौटी तो पति प्रेमनाथ ने पत्नी की तलाश शुरू की। लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। बाद में सूचना मिली कि एक महिला की लाश कुकरैल बंधे पर मिली है। प्रेमनाथ वहां पहुंचे और देखा कि शव उनकी पत्नी मालती का था।

सिपाही रोहित सिंह को सबसे पहले हिरासत में लिया गया

प्रेमनाथ ने सिपाही राजकुमार राय और रोहित सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच शुरू हुई। मुकदमे के बाद सिपाही रोहित सिंह को सबसे पहले हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि हत्या में रोहित सिंह, राजकुमार, आलोक दुबे और भाजपा नेत्री अलका मिश्रा शामिल थे। वजह ये बताई गई कि अलका मिश्रा और मालती के बीच सियासी रंजिश थी। इसके बाद इन तीनों के नाम FIR बढाई गई।

हत्या की रात ये हुआ

सिपाही राजकुमार ने गिरफ्तारी के बाद ये बयान दिया कि अलका ने मालती शर्मा की हत्या की सुपारी दी थी। राजकुमार के उसी के गांव के बच्चा लाल पांडेय से दुश्मनी थी।

बयान के मुताबिक राजकुमार मालती के घर गया और मालती को साथ लेकर निकला। राजकुमार ने रास्ते मालती को गोली मार दी। उसी रात बाइक से दिल्ली भाग गया था। दिल्ली में ही राजकुमार पकड़ा गया।

अलका का करीबी रोहित यादव भी पकड़ा गया

बाद में अलका के करीबी रोहित यादव की भी गिरफ्तारी हुई। तत्कालीन SP गोमती राजू बाबू सिंह और CO क्राइम राजेश्वर सिंह के सामने रोहित यादव ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। रोहित ने खुलासे में ये कहा कि साजिश अलका मिश्रा ने रची थी। पुलिस की जांच के बाद ये पता चला कि अलका मिश्रा के इस हत्याकांड में शामिल होने के सबूत इकट्‌ठा किए थे। मगर कोर्ट से अलका मिश्रा को जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद से वह पिछले 2 साल से फरार चल रही थीं।

अलका के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, कुर्की की नोटिस चस्पा हुई

फरार होने से पहले अलका के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी की थी। उनके घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा की गई, लेकिन अलका फरार हो गई। इसके बाद पुलिस हर जगह छापेमारी कर रही थी। रविवार को पुलिस को कामयाबी मिली । लखनऊ पुलिस ने गाजीपुर इलाके से अलका को गिरफ्तार कर लिया। अलका को कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में अलका मिश्रा, सिपाही राजकुमार, आलोक दुबे और रोहित सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। ADJ विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है।

मालती के वारिसों को मुआवजा

कोर्ट ने मालती के वारिसों को मुआवजा देने की भी बात कही है। कोर्ट ने ये आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मद्देनजर रखते हुए दिया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश भी दिया कि वह जांच करके सही वारिसों के नाम सामने लाए।

सिपाही रोहित सिंह को आर्म्स एक्ट में भी सजा हुई

मालती शर्मा की हत्या के मामले में सिपाही राजकुमार को आजिव कारावास की सजा सुाई गई है। इसके अलावा सिपाही राजकुमार को अपहरण के आरोप में 10 साल की सजा और आर्मस एक्ट के आरोप में 4 साल की सजा सुनाई गई है।

अदालत ने सिपाही राजकुमार राय पर 35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अलका मिश्रा और आलोक दुबे हत्या की साजिश रचने के लिए उम्रकैद के अलावा 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।