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क्या है m-4 फार्मूला, जिससे डर गए हैं योगी आदित्यनाथ

ममता बनर्जी की नजरें भाजपा और कांग्रेस के विरोधी छोटे-छोटे दलों पर टिकी हुई हैं।

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CM Yogi

लखनऊ. एम-4 फार्मूला से विरोधी दल योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी को मात देने में जुट गए हैं। एम-४ यानी मिशन 2019, ममता, मुलायम और मायावती। ममता बनर्जी 2019 के लिए बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ खुद को खड़ा करना चाहती हैं। यूपी में माया, मुलायम और ममता का गठजोड़ मिलकर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ सकता है। ममता बनर्जी की नजरें भाजपा और कांग्रेस के विरोधी छोटे-छोटे दलों पर टिकी हुई हैं। 2019 लोकसभा में अगर ममता, मुलायम और मायावती एक साथ आते हैं तो यह योगी और मोदी के लिए काफी परेशानियां पैदा कर सकता है।

मुलायम सिंह तैयार कर रहे हैं पृष्ठभूमि
सूत्रों की मानें तो अखिलेश और ममता बनर्जी की नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। ममता बनर्जी कुछ दिनों पहले लखनऊ आईं थीं तो अखिलेश यादव ने उनकी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था। वहीं अखिलेश यादव बसपा से भी गठबंधन करने के विरोधी नहीं हैं। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस, सपा और बसपा यूपी में मिलकर लोकसभा का चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं। पर्दे के पीछे रहकर मुलायम सिंह यादव इसकी पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं। खबर लीक होते ही भाजपा में खलबली मच गई है।

राष्ट्रीय विकल्प के रूप में पेश करना चाहती हैं
पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी 2019 के आम चुनाव खुद को राष्ट्रीय विकल्प के रूप में पेश करने के लिए अभी से नए राजनीतिक समीकरण को बनाने में जुट गई हैं। उनके रडार में गैर कांग्रेसी और गैर बीजेपी दल हैं। सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी एक राजनीतिक मोर्चा बनाने की भी तैयारी में हैं। इसके लिए वह दूसरे राज्यों की क्षेत्रीय दलों के नेताओं से संपर्क में है।

केजरीवाल के ममता से पहले ही बेहतर संबंध रहे हैं

पिछले हफ्ते गुजरात के नेता हार्दिक पटेल पश्चिम बंगाल का दौरा कर ममता बनर्जी से मिल चुके हैं। इसके भी सियासी मायने निकाले गए। वहीं पिछले दिनों शिवसेना चीफ उद्भव ठाकरे की भी ममता बनर्जी से मुलाकात हुई थी। अरविंद केजरीवाल के ममता से पहले ही बेहतर संबंध रहे हैं और दोनों ने हर मौके पर एक दूसरे को समर्थन भी किया है। इसके अलावा ममता बनर्जी ओडिशा के नवीन पटनायक और आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू से भी संपर्क में है। सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी इन तमाम क्षेत्रीय नेताओं के साथ मुद्दों पर रणनीति के तहत मोदी सरकार पर हमला करने की कोशिश कर रही है और इसी बहाने पर मिशन 2019 पर भी निशाना मारने की जुगत में है।

हाल ही में टीएमसी राष्ट्रीय दल में भी शामिल हुई है
बतादें कि हाल के दिनों में ममता बनर्जी ने गैर कांग्रेस और गैर बीजेपी गुट के नेता के रूप में प्रोजेक्ट किया है। इसी कोशिश में संसद में भी टीएमसी ने अपना अलग स्टैंड रखा है। टीएमसी का राजनीतिक गणित यह है कि वह लोकसभा में पश्चिम बंगाल में अधिक से अधिक सीट जीतकर अपना दाव 2019 में जीवित रखे। हाल ही में टीएमसी राष्ट्रीय दल में भी शामिल हुई है।