
करिश्मा लालवानी
लखनऊ. हाल ही में क्रिकेट के बादशाह विराट कोहली ने अपनी लॉंग टाइम गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा से शादी कर ली। इस नई नवेली क्यूट जोड़ी को दुनिया भर से फैंस और वेल विशर्स की बधाइयां मिल रही हैं। अरे शादी से याद आया कि आजकल लड़कियों में नया ट्रेंड निकला है। शादी के बाद कई महिलाएं अपना सरनेम नहीं बदलती हैं। अगर शादी के पहले उनका नाम निकिता भाटिया था, तो शादी के बाद भी वे खुद को इसी नाम से सुनना पसंद करती हैं। वैसे ये ट्रेंड मध्य प्रदेश में ज्यादा प्रचलित रहा है लेकिन अब यूपी की जनता भी इसे फॉलो कर रही है।
सरनेम बदलना इंडियन सोसाइटी
शादी के बाद सरनेम बदलना इंडियन सोसाइटी का हिस्सा है। जहां कई लड़कियां अपने नाम के त्याग को स्वीकार कर लेती हैं, वहीं आजकल एक्ट्रेसेस में बिना अपना नाम बदले शादी के बाद का सरनेम ऐड करने का ट्रेंड है।
सेलेब्रिटी हैं उदाहरण
आप बच्चन बहू ऐश्वर्या राय का एक्जामपल लें या पटौदी खानदान की बेगम करीना कपूर खान का, इन महिलाओं ने शादी के बाद भी अपना सरनेम या फिर यूं कहे कि अपनी पहचान नहीं बदली। ये बात सौ फीसदी सच है कि शादी के बाद लड़की का ससुराल ही उसका घर होता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि घर के साथ-साथ उसकी पहचान भी बदल जाए।
ट्विंकल खन्ना ने कही ये बात
अभिनेत्री और राईटर ट्विंकल खन्ना ने ट्विटर पर अपने एक फॉलोवर को जवाब देते हुए कहा था कि जन्म के समय उनका नाम ट्विंकल खन्ना था, तो वो शादी के बाद भी अपना नाम ट्विंकल खन्ना ही लिखती हैं। उनका कहना है कि अक्सर लोग उन्हें अपना नाम ट्विंकल खन्ना की बजाय ट्विंकल कुमार लिखने की सलाह देते हैं। लेकिन सवाल ये है कि जिस नाम से आपको पहचान मिली उस नाम को शादी के बाद बदलने की प्रथा क्यों है।
य़ूपी की महिलाओं पर खुमार
पहले ये ट्रेंड एमपी की तरफ ज्यादा फैशन में था लेकिन अब इसका खुमार य़ूपी की महिलाओं पर भी शुमार है।
लखनऊ वालों पर भी चढ़ा असर
लखनऊ के आशियाना में रहने वालीं हाउसवाइफ कविता शुक्ला (अब कुसुम मिश्रा) का कहना है शादी के बाद भी उन्होंने कभी अपना सरनेम नहीं बदला। कोई लड़की शादी के बाद अपना सरनेम बदलना चाहती है या नहीं, ये पूरी तरह से उसकी च्वाइस है। ये उसका अधिकार है कि वो जिस नाम के साथ पैदा हुई है अगर उस नाम के साथ रहना चाहती है, तो रह ले।
नहीं बनना फिन्सुक वांगड़ू
वैसे इस बात से 3 इडियट्स से करीना का एक डायलॉग याद आता है। मूवी के लास्ट सीन में फरहान और राजू को अपने देस्त रैंचो का असली नाम पता चलता है। रैंचो की प्रेमिका प्रिया नाम जानने पर बोलती है कि मैं शादी के बाद अपना सरनेम फुन्सुक वांगड़ू नहीं रखूंगी। ये है तो सिर्फ मूवी का डायलॉग ही लेकिन इससे ये सीख जरूर मिलती है कि एक लड़की अगर अपना सरनेम नहीं बदलना चाहती है, तो ये उसकी मर्जी है।
पुरूषों को बी नहीं है प्रॉब्लम
जितनी खास ये बात है कि शादी के बाद लड़कियां अपना सरनेम नहीं बदलतीं, उतनी ही खास बात ये भी है कि इसमें उनके पति को भी प्रॉब्लम नहीं। यानी कि पुरूषों को इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि शादी के बाद उनकी वाइफ अपना सरनेम बदलती है या नहीं। अब जब धीरे-धीरे ये ट्रेंड आग की तरह फैल रहा है, तो सवाल ये है कि इस बात में बुराई ही क्या है?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी है मंजूरी
वैसे जानकारी के लिए आपको बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बात को लीगल कर दिया है कि महिलाएं शादी के बाद अपना मेडन नेम यानी कि वही सरनेम रख सकती हैं। वैसे भी सरनेम बदलने का मतलब ऑफिशियल गजैट में अपना नाम बदलना, सरकारी कागजात में अपना नाम बदलना। अब इतना झंझट भला कौन पाले। बॉम्बे हाईकोर्ट का ये फैसला वीमेन राईट्स की दिशा में सही कदम है।
Published on:
19 Dec 2017 07:06 pm
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