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Master plan:जागेश्वर धाम में म्यूजियम से ब्रह्मकुंड  तक होगा रिवर फ्रंट का काम, डीपीआर तैयार

Master plan of jageshwar:जागेश्वर धाम में मास्टर प्लान के कार्य तेज हो गए हैं। एक ओर जहां पहले चरण में मंदिर में लाइटिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वहीं दूसरी ओर अब रिवर फ्रंट के कार्यों की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। रिवर फ्रंट के तहत एरावल प्लाजा, ब्रिज सहित कई कार्य होने हैं।
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लखनऊ

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Naveen Bhatt

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Updated: 13 Dec 2024, 3:02 PM IST

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जागेश्वर धाम में मास्टर प्लान के तहत रिवर फ्रंट का कार्य भी होना है

Master plan of jageshwar:जागेश्वर धाम का मास्टर प्लान सीएम पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। उत्तराखंड के जागेश्वर धाम में सातवीं सदी निर्मित 125 मंदिरों का समूह है। यह मंदिर समूह घने देवदार वन से घिरा हुआ है। जागेश्वर को देश का आठवां ज्योर्तिलिंग माना जाता है। इस धाम में मास्टर प्लान के कार्य चल रहे हैं। पहले चरण में इलुमिनेशन (लाइटिंग) के अलावा योग मैदान सौंदर्यीकरण, शवदाह स्थल निर्माण, रिवर फ्रंट, मंदिर में एरावल प्लाजा सहित तमाम कार्य होने हैं। साथ ही म्यूजियम के नीचे दो पवेलियन भी इसी योजना में बनाए जाएंगे। लाइटिंग का कार्य अब पूर्ण होने की कगार पर है। वहीं दूसरी ओर अब जागेश्वर में रिवर फ्रंट निर्माण की डीपीआर परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) ने तैयार कर ली है। इसी को लेकर आज पीआईयू के एई और राजस्व विभाग की टीम ने रिवर फ्रंट के कार्यों के सर्वे के लिए स्थलीय निरीक्षण कर नाप, बेनाप भूमि और पेड़ों की स्थिति का पता लगाया। पीआईयू के एई हेमंत पाठक ने बताया कि जागेश्वर धाम में मास्टर प्लान के तहत रिवर फ्रंट निर्माण की डीपीआर तैयार हो चुकी है। उसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बजट स्वीकृत होते ही जागेश्वर में म्यूजियम से लेकर ब्रह्मकुंड तक रिवर फ्रंट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके तहत जटागंगा में छोटे-छोटे डैम और घाटों का भी निर्माण किया जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए बनेगा परिक्रमा पथ

रिवर फ्रंट के तहत नदी के दोनों छोर पर दीवार का निर्माण किया जाएगा। इससे नदी की चौड़ाई कम कर दी जाएगी। मंदिर से लगे नदी के छोर पर म्यूजियम से लेकर ब्रह्मकुंड तक परिक्रमा पथ तैयार किया जाएगा। श्रद्धालु सड़क में पहुंचे बगैर ही पूरे मंदिर और ब्रह्मकुंड की पैदल परिक्रमा कर सकेंगे। इससे भीड़ के दौरान व्यवस्थाएं बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही

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योग मैदान के पास बनेंगे दो पुल

  जागेश्वर के मास्टर प्लान में म्यूजियम के नीचे पवेलियन का निर्माण होना है। म्यूजियम के पास से ही योग मैदान में पहुंचने के लिए धनुषनुमा पुल बनाया जाना है। पहला पुल मौजूदा पुल के स्थान पर ही बनेगा। इसके अलावा योग मैदान के पूर्वी छोर के पास भी एक धनुषपुल बनाया जाएगा। ये पुल पुष्टि देवी मंदिर के पीछे बनने वाले एरावल प्लाज को कनेक्ट करेगा। श्रद्धालु मंदिर से सीधे योग मैदान और फिर सीधे म्यूजियम के पास पहुंच सकेंगे।  

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